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लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने संभाला मध्य कमान के सेनाध्यक्ष का कार्यभार, देश की सबसे बड़ी कमान की कमान

On: October 1, 2026
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लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने संभाला मध्य कमान के सेनाध्यक्ष का कार्यभार
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लखनऊ/1 अक्टूबर 2026: लखनऊ स्थित मध्य कमान को गुरुवार को नया आर्मी कमांडर मिल गया। लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने मध्य कमान के नए सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने छावनी स्थित युद्ध स्मारक ‘स्मृतिका’ पर पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

लेफ्टिनेंट जनरल मित्रा का सैन्य करियर तीन दशक से भी अधिक लंबा रहा है। इस दौरान उन्होंने कमांड और स्टाफ स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। अब उनके सामने मध्य कमान की ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने के साथ प्रस्तावित थिएटर कमांड के गठन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी रहेंगी।

लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने संभाली मध्य कमान की कमान

कार्यभार ग्रहण करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने औपचारिक परेड में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। उन्होंने ऑपरेशनल तैयारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने, रणनीतिक प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने और पूरे थिएटर में मल्टी-डोमेन क्षमताओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

उन्होंने सूर्य कमान के सभी रैंकों, वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, रक्षा नागरिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं भी दीं।

10 जून 1989 को ग्रेनेडियर्स में हुए थे कमीशन

लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा को 10 जून 1989 को इंडियन मिलिट्री एकेडमी से ग्रेनेडियर्स में कमीशन मिला था। तीन दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ नियुक्तियों पर सेवाएं दी हैं।

उन्होंने एक इन्फैंट्री बटालियन, इन्फैंट्री ब्रिगेड और इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली है। इसके अलावा कमांडो स्कूल, बेलगाम में इंस्ट्रक्टर और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में चीफ इंस्ट्रक्टर (आर्मी) के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।

उनके अनुभव का दायरा केवल फील्ड कमांड तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी गार्ड में स्क्वाड्रन कमांडर और आर्मी वॉर कॉलेज की फैकल्टी ऑफ स्टडीज में कर्नल जनरल स्टाफ के तौर पर भी काम किया।

वन कोर की भी संभाल चुके हैं कमान

लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद 9 जून 2023 को उन्होंने वन कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) का पदभार संभाला। करीब दो साल बाद 17 जून 2025 को उन्होंने इस कमान की जिम्मेदारी छोड़ी।

इसके बाद वह आर्मी हेडक्वार्टर में डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स एंड स्ट्रैटेजिक मूवमेंट के पद पर तैनात रहे।

इससे पहले वह मथुरा में एक स्ट्राइक कोर की कमान समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

प्रस्तावित थिएटर कमांड के गठन में होगी अहम भूमिका

मध्य कमान के नए आर्मी कमांडर के तौर पर लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा के सामने प्रस्तावित थिएटर कमांड से जुड़ी जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी।

मध्य कमान का क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके अंतर्गत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमा के निकट सैन्य क्षेत्र आते हैं। कमान के दायरे में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश के सैन्य स्टेशन और रेजिमेंट शामिल हैं।

भारतीय सेना की छह ऑपरेशनल और एक ट्रेनिंग कमान की संरचना में मध्य कमान का क्षेत्र काफी व्यापक है।

रक्षा मंत्रालय ने सितंबर में जारी किए थे नियुक्ति आदेश

रक्षा मंत्रालय ने 1 सितंबर को लेफ्टिनेंट जनरल एसपी सिंह को शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड का कमांडर और लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा को मध्य कमान का आर्मी कमांडर नियुक्त करने के आदेश जारी किए थे। लेफ्टिनेंट जनरल एसपी सिंह लखनऊ के रहने वाले हैं।

कई सैन्य सम्मानों से सम्मानित

लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा को उनके सैन्य करियर के दौरान कई पदकों से सम्मानित किया गया है। इनमें ऑपरेशन विजय मेडल, ऑपरेशन पराक्रम मेडल, सैन्य सेवा मेडल और हाई अल्टीट्यूड मेडल शामिल हैं।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भारतीय सेना की कमान संरचना, संयुक्त सैन्य क्षमता और थिएटर स्तर पर संचालन को लेकर बदलाव की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में मध्य कमान की जिम्मेदारी उनके लंबे फील्ड और स्टाफ अनुभव की एक और बड़ी परीक्षा होगी।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता से संभाली जिम्मेदारी

लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता का स्थान लिया है। करीब 40 वर्ष की सैन्य सेवा के बाद लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता बुधवार को सेवानिवृत्त हुए।

सेवानिवृत्ति से पहले उन्होंने युद्ध स्मारक ‘स्मृतिका’ पर पहुंचकर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। उनके कार्यकाल में युद्ध तत्परता, क्षमता विकास और उभरती तकनीकों को सैन्य अभियानों में शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया।

अब मध्य कमान की जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा के हाथों में है। उनके सामने एक ओर व्यापक ऑपरेशनल क्षेत्र की तैयारियों को बनाए रखने की चुनौती है, तो दूसरी ओर भविष्य की सैन्य संरचना के अनुरूप कमान को तैयार करने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी।

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