लखनऊ (Wed, 18 Feb 2026)। लखनऊ से कानपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के अप्रैल 2026 में चालू होने के बाद अब राष्ट्रीय राजमार्ग को भी आधुनिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मई 2026 से लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधार कार्य शुरू करने की योजना बनाई है, जिस पर करीब 107 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यह पूरा प्रोजेक्ट सिर्फ सड़क सुधार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका मकसद ट्रैफिक जाम कम करना, यात्रा समय घटाना और सड़क सुरक्षा को नए स्तर तक ले जाना है। अधिकारियों का मानना है कि एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद भारी वाहनों का दबाव कम होगा और हाईवे को व्यवस्थित तरीके से अपग्रेड करना आसान हो जाएगा।
क्या-क्या बदलेगा: फ्लाईओवर, अंडरपास और सर्विस लेन
इस परियोजना के तहत सड़क को आधुनिक ट्रैफिक जरूरतों के अनुसार विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार नवाबगंज तिराहा और दही चौकी पर दो बड़े फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, जबकि त्रिभुवन खेड़ा में आधुनिक तकनीक से अंडरपास तैयार होगा।
अंडरपास निर्माण में बॉक्स पुश-बैक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे 15 मीटर, 25 मीटर और फिर 15 मीटर के हिस्सों में डालते हुए कुल 55 मीटर तक तैयार किया जाएगा। करीब 12 मीटर चौड़े और पाँच मीटर से अधिक ऊंचे ये स्ट्रक्चर एनएचएआई की गाइडलाइन के अनुरूप होंगे।
इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक फुटओवर ब्रिज और लगभग 330 मीटर लंबी सर्विस लेन भी बनाई जाएगी, जिससे स्थानीय यातायात और हाईवे ट्रैफिक अलग-अलग तरीके से संचालित हो सके।
एक साल में पूरा होगा काम, पर्यावरण का भी ध्यान
एनएचएआई ने इस पूरी परियोजना को एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। काम के दौरान वन विभाग की लगभग तीन हेक्टेयर जमीन पर मौजूद कई पेड़ों को स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि कुछ पेड़ों की कटाई भी करनी पड़ सकती है।
हालांकि, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए एजेंसी को पौधरोपण की जिम्मेदारी भी दी गई है। सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि अगले पाँच वर्षों तक उनकी देखरेख भी कार्यदायी संस्था को करनी होगी। यही पहल इस प्रोजेक्ट को सामान्य सड़क निर्माण से अलग बनाती है।
ड्रेनेज और लाइटिंग सिस्टम होगा आधुनिक
बरसात में जलभराव और अंधेरे की समस्या अक्सर हाईवे पर दुर्घटनाओं की वजह बनती है। इसे ध्यान में रखते हुए अंडरपास और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जाएगा, ताकि बारिश का पानी मिनटों में बाहर निकल सके।
साथ ही, चौबीसों घंटे रोशनी बनी रहे इसके लिए बड़े रोशनदान और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि बिजली जाने की स्थिति में भी दिन के समय प्राकृतिक रोशनी पर्याप्त रहेगी, जिससे यातायात बाधित नहीं होगा।
लोगों को कैसे मिलेगी सीधी राहत
लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना हजारों ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और व्यापारी यात्रा करते हैं। अक्सर जाम, धीमी रफ्तार और अव्यवस्थित ट्रैफिक बड़ी समस्या बन जाते हैं। एक्सप्रेसवे और हाईवे सुधार दोनों के एक साथ आने से यात्रा समय कम होने, ईंधन बचत और सड़क सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति दे सकती है।









