लखनऊ( 09 Feb 2026 )। University of Lucknow ने जनवरी–फरवरी 2026 बैच के लिए अपने Lucknow University Online Courses में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्नातक (UG) और परास्नातक (PG) स्तर के कई लोकप्रिय कोर्स अब ऑनलाइन मोड में उपलब्ध हैं, जिससे छात्र घर बैठे पढ़ाई कर सकते हैं। खास बात यह है कि विश्वविद्यालय ने इन कोर्सों के साथ ड्यूल डिग्री (एक साथ दो डिग्री) की सुविधा भी दी है।
ऑनलाइन शिक्षा के इस विस्तार की जानकारी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ऑनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन की ओर से जारी की गई है। निदेशक प्रो. पीयूष भार्गव के अनुसार, इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क ₹250 निर्धारित है, ताकि अधिक से अधिक छात्र इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
किन कोर्सों में मिलेगा प्रवेश?
इन ऑनलाइन प्रोग्राम्स में कॉमर्स, मैनेजमेंट, ह्यूमैनिटीज और सोशल वर्क जैसे विविध विषय शामिल हैं:
- बी.कॉम
- एम.कॉम (मार्केटिंग)
- एम.कॉम (फाइनेंस एंड अकाउंटिंग)
- एम.ए (इंग्लिश)
- एम.ए (इकोनॉमिक्स)
- एम.ए (पॉलिटिकल साइंस)
- एम.ए (संस्कृत)
- एमएसडब्ल्यू (सोशल वर्क)
- बीबीए
- एमबीए (फाइनेंशियल मैनेजमेंट)
- एमबीए (मार्केटिंग)
यह संयोजन उन छात्रों के लिए खास है जो नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं या अन्य पढ़ाई के साथ लचीले समय में डिग्री हासिल करना चाहते हैं।
आवेदन से पहले क्या करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण से पहले दो जरूरी आईडी बनानी होंगी:
- DEB ID (Distance Education Bureau)
- ABC ID (Academic Bank of Credits)
इन दोनों आईडी के बाद अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर फीस जमा करके आवेदन पूरा कर सकते हैं।
ड्यूल डिग्री: एक साथ दो कोर्स करने का मौका
लखनऊ विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र पहले से किसी संस्थान में ऑफलाइन कोर्स कर रहा है, तो वह साथ-साथ इन Lucknow University Online Courses में भी प्रवेश ले सकता है। यानी एक ही समय में दो डिग्रियां पूरी करने का अवसर—वह भी मान्य ढांचे के भीतर।
यह सुविधा खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो करियर को बहु-विषयी (multi-disciplinary) बनाना चाहते हैं।
क्यों खास हैं ये ऑनलाइन कोर्स?
- घर बैठे मान्यता प्राप्त डिग्री
- कम आवेदन शुल्क (₹250)
- समय की लचीलापन
- ड्यूल डिग्री का विकल्प
- कॉमर्स, मैनेजमेंट और ह्यूमैनिटीज के लोकप्रिय विषय
डिजिटल शिक्षा के दौर में यह पहल उन छात्रों के लिए राहत है जो स्थान, समय या संसाधनों की सीमाओं के कारण नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाते।









