नई दिल्ली (15 फरवरी 2026): आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के पर्व महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर पूरा देश शिवमय नजर आया। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखीं, तो दूसरी ओर देश के शीर्ष नेताओं ने भी देशवासियों को इस पावन पर्व की शुभकामनाएं देकर सकारात्मक संदेश साझा किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक, कई राष्ट्रीय नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भगवान भोलेनाथ से देश की सुख-समृद्धि और प्रगति की कामना की। श्रद्धा और आध्यात्मिक भावना से भरे इन संदेशों में देश की एकता, शांति और विकास की झलक साफ नजर आई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने क्या कहा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान महादेव की कृपा सभी पर बनी रहे और देश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।
उनके संदेश में आध्यात्मिकता के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की भावना भी दिखाई दी, जो ऐसे पर्वों को सामाजिक एकता से जोड़ती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महाशिवरात्रि के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि आदिदेव महादेव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उन्होंने कामना की कि भगवान शिव के आशीर्वाद से सबका कल्याण हो और भारत समृद्धि के शिखर तक पहुंचे।
प्रधानमंत्री का संदेश धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ सकारात्मक भविष्य की कामना से जुड़ा रहा, जिसे सोशल मीडिया पर लोगों ने व्यापक रूप से साझा किया।
उपराष्ट्रपति और अन्य नेताओं के संदेश
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने संदेश में महाशिवरात्रि को भारत की शाश्वत आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि काशी से रामेश्वरम् तक यह पर्व देश की सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है और भगवान शिव-माता पार्वती की कृपा से सभी को सुख और उत्तम स्वास्थ्य मिले।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी महादेव से विश्व में शांति और सद्भाव की कामना की, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘हर हर महादेव’ के जयकारे के साथ देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धालुओं के लिए सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
देश के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। कई जगह रातभर जागरण और रुद्राभिषेक जैसे अनुष्ठान हुए। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
सड़कों से लेकर मंदिर प्रांगण तक ‘बम-बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ की गूंज ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
क्यों खास है महाशिवरात्रि?
महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन हुआ था। यही वजह है कि यह पर्व आध्यात्मिक साधना, संयम और भक्ति का संदेश देता है।
आस्था के साथ एकता का संदेश
नेताओं के संदेशों से लेकर मंदिरों में उमड़ती भीड़ तक, इस बार की महाशिवरात्रि ने एक बार फिर यह साबित किया कि भारत में त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक एकता का माध्यम भी हैं।













