नई दिल्ली/30 अगस्त 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। सुबह 11 बजे प्रसारित हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने त्योहारों, स्थानीय उत्पादों, किसानों की नई पहल, महिला शिक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान, युवाओं और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई विषयों का उल्लेख किया। उन्होंने लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ को जीवन का हिस्सा बनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
कार्यक्रम का प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) समेत सरकार के आधिकारिक डिजिटल माध्यमों पर किया गया। प्रधानमंत्री ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपने प्रयासों से बदलाव की मिसाल पेश कर रहे लोगों का भी उल्लेख किया और कहा कि छोटे स्तर से शुरू हुई पहल सही दिशा और मेहनत के साथ बड़ी संभावना में बदल सकती है।
मन की बात में त्योहारों और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने आने वाले त्योहारों का जिक्र करते हुए कहा कि पर्व केवल परंपराओं को निभाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि समाज और एक-दूसरे से जुड़ने का भी माध्यम हैं। उन्होंने 4 सितंबर को जन्माष्टमी और सितंबर में होने वाली विश्वकर्मा पूजा का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और विश्वकर्मा समुदाय से जुड़े लोगों का सम्मान करने की अपील की।
दीपावली का उल्लेख करते हुए उन्होंने फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दोहराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाने का मतलब केवल मिट्टी के दीये खरीदना नहीं है। घर के लिए सामान खरीदते समय यह देखना चाहिए कि वह भारत में बना है या नहीं।
उन्होंने क्रिएटिव क्षेत्र से जुड़े लोगों, इंफ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज से भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने में भूमिका निभाने का आग्रह किया।
उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी का किया जिक्र
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने महान अभिनेता उत्तम कुमार को भी याद किया। उन्होंने कहा कि 3 सितंबर को महानायक उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी मनाई जाएगी। प्रधानमंत्री ने उन्हें बहुमुखी प्रतिभा वाला अभिनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने अभिनय से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई।
प्रधानमंत्री ने सत्यजीत रे की फिल्म ‘नायक-द हीरो’ का उल्लेख करते हुए कहा कि फिल्म जगत में यह माना जाता है कि इसकी पटकथा उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी गई थी। उन्होंने अभिनेता के संघर्ष का भी जिक्र किया और कहा कि शुरुआती फिल्मों के सफल न होने के बावजूद उत्तम कुमार ने अपने काम पर ध्यान बनाए रखा।
प्रधानमंत्री ने कोलकाता में अपने एक रोड शो की घटना भी साझा की। उन्होंने बताया कि उस दौरान वे उत्तम कुमार के घर के सामने से गुजरे थे और एक व्यक्ति ने उन्हें अभिनेता की तस्वीर भेंट की थी।
अवाकाडो की खेती से किसानों की बढ़ी कमाई
प्रधानमंत्री ने बदलती कृषि संभावनाओं की चर्चा करते हुए अवाकाडो की खेती का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक भारत में इस फल की पहचान सीमित थी, लेकिन अब इसकी मांग और बाजार दोनों बढ़े हैं।
आंध्र प्रदेश के कडपा के किसान वरदराज का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि वे पहले टमाटर और केले की खेती करते थे। दोस्तों के फार्म पर अवाकाडो की फसल देखने के बाद उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब के माध्यम से इसकी खेती के बारे में जानकारी जुटाई। अब तक वे करीब चार टन अवाकाडो का उत्पादन कर चुके हैं और स्थानीय दुकानों को सीधे इसकी आपूर्ति कर रहे हैं।
तमिलनाडु के कोडाइकनाल के किसान चंद्रशेखरन ने आधे हेक्टेयर जमीन पर अवाकाडो उगाना शुरू किया और इससे उन्हें बेहतर दाम मिलने लगे। वहीं, कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में कुछ किसानों ने कॉफी के बीच अवाकाडो की खेती का प्रयोग किया है। इससे उन्हें कॉफी और काली मिर्च के साथ अतिरिक्त आय का विकल्प मिला।
प्रधानमंत्री का यह उदाहरण इस बात की ओर भी इशारा करता है कि बाजार की बदलती मांग को समझकर किसान पारंपरिक खेती के साथ नई फसलों को जोड़कर अपनी आय के रास्ते बढ़ा सकते हैं।
मिशन ShaktiSAT के दूसरे चरण का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन ShaktiSAT के जरिए छात्राओं की अंतरिक्ष और तकनीक में बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक सीखने और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन ShaktiSAT के दूसरे चरण की शुरुआत का भी प्रधानमंत्री ने जिक्र किया। इस दौरान भारत समेत विभिन्न देशों से आई करीब 100 छात्राओं के एक साथ जुटने की बात कही गई।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस पहल का लक्ष्य छात्राओं की भागीदारी से तैयार एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम से जुड़ने वाली कई छात्राएं भविष्य में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएंगी।
शौक को अवसर में बदलने की वेसालु पुरो की कहानी
प्रधानमंत्री ने नगालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो की कहानी भी साझा की। किसान परिवार में पली-बढ़ीं वेसालु को बचपन से फूलों से लगाव था। वर्ष 2021 में उन्होंने अपने इसी शौक के चलते छोटे स्तर पर फूलों की खेती शुरू की।
बाद में उन्हें समझ आया कि शादी-विवाह और त्योहारों के कारण फूलों की मांग लगातार बनी रहती है। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने महज एक चौथाई एकड़ जमीन पर ग्लैडियोलस के हजारों पौधे लगाए। पहले प्रयास में ही पांच हजार से अधिक फूल खिले।
धीरे-धीरे यह काम आगे बढ़ा और स्थानीय बाजार तक सीमित रहने वाले फूल दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों तक पहुंचने लगे। प्रधानमंत्री ने उनकी कहानी के जरिए यह संदेश दिया कि शौक, मेहनत और सही मार्गदर्शन साथ आ जाएं तो छोटे स्तर की शुरुआत भी आर्थिक अवसर में बदल सकती है।
सीएम धामी ने भी सुना ‘मन की बात’ कार्यक्रम
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के कुंवावाला में प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री धामी ने विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रधानमंत्री के संदेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ के संकल्प को जन-आंदोलन का रूप देने की जरूरत है। उनके मुताबिक, नशामुक्त युवा ही सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, मदन कौशिक, भरत चौधरी समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।













