नई दिल्ली (Wed, 06 May 2026)। उत्तरी अमेरिका का सबसे बड़ा और घनी आबादी वाला शहरों में शामिल Mexico City इन दिनों एक ऐसे संकट से जूझ रहा है, जिसने वैज्ञानिकों और शहरी योजनाकारों की चिंता बढ़ा दी है। शहर की जमीन इतनी तेजी से नीचे धंस रही है कि इसका असर अब अंतरिक्ष से भी साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA द्वारा जारी नई सैटेलाइट इमेजरी में यह खतरनाक बदलाव दर्ज किया गया है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, शहर के कुछ हिस्से हर साल करीब 10 इंच यानी लगभग 25 सेंटीमीटर तक नीचे धंस रहे हैं। यह दर इतनी ज्यादा है कि कई इलाकों में इमारतों का संतुलन बिगड़ने लगा है और सड़कें तक प्रभावित हो रही हैं।
NISAR Satellite ने दिखाई डराने वाली तस्वीर
NISAR सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच मेक्सिको सिटी के कई इलाकों में तेजी से जमीन धंसने के संकेत मिले हैं। इमेजरी में गहरे नीले रंग वाले हिस्सों को सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र माना गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि NISAR हर 12 दिन में दो बार बेहद सटीक डेटा रिकॉर्ड कर रहा है, जिससे जमीन में होने वाले छोटे बदलावों को भी सेंटीमीटर स्तर तक मापा जा सकता है। यही वजह है कि अब वैज्ञानिक इस संकट की वास्तविक गंभीरता को बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं।
2 करोड़ से ज्यादा आबादी पर मंडरा रहा खतरा
करीब 2 करोड़ 20 लाख आबादी वाला यह शहर लगभग 3000 वर्ग मील में फैला हुआ है। शहर का मुख्य एयरपोर्ट, प्रसिद्ध एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस स्मारक और मेट्रोपॉलिटन कैथेड्रल जैसी ऐतिहासिक इमारतें भी इस भू-धंसाव की चपेट में आ चुकी हैं।
कई इमारतों में झुकाव साफ दिखाई देने लगा है। कुछ इलाकों में तो जमीन नीचे बैठ जाने के कारण इमारतों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त सीढ़ियां लगानी पड़ी हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में सड़कों में दरारें और जल निकासी की समस्याएं भी तेजी से बढ़ी हैं।
आखिर क्यों धंस रही है Mexico City?
विशेषज्ञ बताते हैं कि Mexico City एक प्राचीन झील के ऊपर बसा हुआ शहर है। यहां की मिट्टी काफी नरम और जल-संवेदनशील मानी जाती है। हालांकि, केवल प्राकृतिक कारण ही इस संकट के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
दरअसल, पिछले कई दशकों से शहर में भूमिगत जल यानी एक्वीफर से बड़े पैमाने पर पानी निकाला जा रहा है। लगातार जल दोहन की वजह से मिट्टी की परतें सिकुड़ने लगी हैं और जमीन नीचे धंस रही है। इसके साथ ही तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भारी निर्माण कार्यों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
नेशनल ऑटोनॉमस यूनिवर्सिटी ऑफ मेक्सिको के जियोफिजिक्स शोधकर्ता एनरिक कैब्रल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह समस्या केवल जमीन धंसने तक सीमित नहीं है। इसका असर मेट्रो सिस्टम, ड्रेनेज नेटवर्क, पेयजल सप्लाई, आवासीय ढांचे और सड़कों पर भी पड़ रहा है।
100 साल में 39 फीट तक नीचे बैठ चुकी जमीन
रिपोर्ट के अनुसार, मेक्सिको सिटी के कुछ हिस्सों में पिछले 100 वर्षों के दौरान 39 फीट यानी करीब 12 मीटर तक जमीन धंस चुकी है। वैज्ञानिक मानते हैं कि यदि भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन नहीं रोका गया, तो आने वाले वर्षों में हालात और भयावह हो सकते हैं।
शहरी विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट दुनिया के उन बड़े उदाहरणों में शामिल हो चुका है, जहां जल संकट और अनियोजित शहरी विकास सीधे तौर पर शहरों के अस्तित्व पर असर डाल रहे हैं।













