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MSME Export Support: विदेशी मेलों में प्रोडक्ट बेचने वालों को यूपी सरकार देगी आर्थिक मदद, एक माह पहले करें आवेदन

On: November 9, 2025
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MSME Export Support: विदेशी मेलों में प्रोडक्ट बेचने वालों को यूपी सरकार देगी आर्थिक मदद
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लखनऊ, 09 नवंबर 2025 (रविवार): उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही इस नई पहल के तहत, प्रदेश के एमएसएमई निर्यातकों को विदेश में लगने वाले मेलों व प्रदर्शनी में भागीदारी के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह योजना राज्य के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और स्टार्टअप्स एवं पारंपरिक उद्योगों को निर्यात के क्षेत्र में मजबूती प्रदान करने का महत्वपूर्ण साधन बन सकती है।

💡 कैसे मिलेगी मदद? आवेदन की शर्तें और प्रक्रिया

इस योजना के अंतर्गत एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों को विदेशी मेलों में स्टॉल लगाने, प्रचार-प्रसार और उत्पाद प्रमाणीकरण के लिए 75% तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके लिए उद्यमियों को मेले की तिथि से कम से कम एक माह पहले निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो (Export Promotion Bureau) में आवेदन करना अनिवार्य होगा।

एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के हस्ताक्षर से यह आदेश जारी किया गया, जिसमें योजना के कई प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है:

  • विदेशी मेलों/प्रदर्शनी में स्टॉल किराए पर लेने या आयोजन में लगने वाले खर्च का 75% या अधिकतम ₹3.25 लाख तक की सहायता
  • उद्यमी और अधिकृत प्रतिनिधि के इकोनॉमी हवाई यात्रा किराए का 75% या ₹1.25 लाख की सीमा तक भुगतान
  • अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल बी2बी प्रदर्शनी में हिस्सेदारी पर 75% या ₹25,000 प्रति ईवेंट की सहायता
  • विदेशों में उत्पादों के सैंपल भेजने और प्रमाणीकरण (क्वालिटी सर्टिफिकेशन) के लिए भी सहायता का प्रावधान

🌍 यूपी के एमएसएमई को मिलेगा वैश्विक बाजार, बढ़ेगा निर्यात

सरकार की यह योजना न केवल एमएसएमई प्रोडक्ट्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ले जाएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। आदेश में यह भी बताया गया है कि पारंपरिक विदेशी बाजारों में भाग लेने के लिए कम से कम 20 निर्यातक इकाइयों और नए बाजारों में 10 इकाइयों की भागीदारी अनिवार्य होगी। वहीं, किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की घरेलू मेला-प्रदर्शनी में कम से कम 30 इकाइयाँ जुड़ने पर कुल खर्च का 75% या अधिकतम ₹1 करोड़ तक की सहायता दी जा सकेगी।

📌 यूपी सरकार का इरादा साफ: MSME एक्सपोर्ट को मिले नया मुकाम

इस योजना के तहत “त्वरित निर्यात विकास प्रोत्साहन” (Quick Export Promotion Scheme) के नाम से एक ऐसी राह खोली जा रही है, जिसमें डिजिटल मार्केटिंग, विज्ञापन, वेबसाइट विकास जैसे खर्चों पर भी आर्थिक अनुदान मिलेगा। इससे छोटे उद्यमों को अपने उत्पादों की पहुंच न सिर्फ सीमित दायरे से बाहर ले जाने, बल्कि एक नए अंतर्राष्ट्रीय ग्राहक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

उद्योग जगत के जानकारों के मुताबिक, यह पहल MSME सेक्टर में नवाचार को बढ़ाएगी और स्थानीय कारीगरों से लेकर टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स तक सभी को प्रोत्साहन मिलेगा।

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