नई दिल्ली (Mon, 04 May 2026)। मायलापुर में TVK की जीत ने तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण खड़ा कर दिया है। चेन्नई की प्रतिष्ठित और परंपरागत मायलापुर सीट पर इस बार मुकाबला जितना हाई-प्रोफाइल था, नतीजा उससे भी ज्यादा चौंकाने वाला रहा।
पी वेंकटरमन ने तमिलगा वेत्रि कड़गम (TVK) के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए डीएमके के उम्मीदवार मलाई वेलु को 28,972 वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। वहीं बीजेपी की उम्मीदवार और पूर्व राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन तीसरे स्थान पर रहीं।
वोटों का गणित: कैसे बना जीत का अंतर
चुनाव परिणामों के मुताबिक, पी वेंकटरमन को कुल 70,070 वोट मिले। डीएमके के मलाई वेलु 41,098 वोटों तक ही सिमट गए, जबकि भाजपा की तमिलिसाई सुंदरराजन को 32,328 वोट प्राप्त हुए।
इस आंकड़े से साफ है कि मुकाबला त्रिकोणीय जरूर था, लेकिन जनता का रुझान निर्णायक रूप से TVK के पक्ष में गया। खास बात यह रही कि चुनाव के दौरान ज्यादातर राजनीतिक विश्लेषक इस सीट को डीएमके और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला मान रहे थे, लेकिन नतीजों ने सभी अनुमानों को पलट दिया।
हाई-प्रोफाइल सीट पर BJP की रणनीति भी फेल
मायलापुर सीट NDA गठबंधन के लिहाज से भी खास रही। AIADMK ने यह सीट भाजपा के लिए छोड़ी थी, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया था। बीजेपी ने यहां एक मजबूत और चर्चित चेहरा उतारते हुए डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन को मैदान में उतारा।
डॉ. सुंदरराजन न सिर्फ एक अनुभवी नेता हैं, बल्कि राज्यपाल के पद पर भी रह चुकी हैं, जिससे उनकी उम्मीदवारी को खास महत्व दिया जा रहा था। लेकिन चुनावी मैदान में यह राजनीतिक अनुभव भी मतदाताओं के फैसले को अपने पक्ष में नहीं कर पाया।
विजय की राजनीति का असर दिखा
विजय की पार्टी TVK इस चुनाव में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर चर्चा में आई है। मायलापुर में मिली यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में एक नए विकल्प के उभरने का संकेत है।
वेंकटरमन की जीत को स्थानीय मुद्दों, संगठन की सक्रियता और विजय की लोकप्रियता के मिश्रण के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान TVK ने जिस तरह जमीनी स्तर पर अभियान चलाया, उसने पारंपरिक दलों की रणनीति को चुनौती दी।
उम्मीदवार प्रोफाइल: डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन
डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन की उम्मीदवारी भी इस सीट को चर्चा में बनाए हुए थी। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार:
- वह ग्रेजुएट हैं और पेशे से डॉक्टर हैं
- कुल संपत्ति करीब 25.8 करोड़ रुपये घोषित की
- लगभग 6.1 करोड़ रुपये की देनदारियां बताईं
- उनका आपराधिक रिकॉर्ड पूरी तरह साफ है
इन तथ्यों के बावजूद, जनता का रुझान इस बार एक नए राजनीतिक विकल्प की ओर झुका दिखाई दिया।
क्या संकेत देता है यह परिणाम?
मायलापुर में TVK की जीत कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। यह परिणाम दर्शाता है कि तमिलनाडु की राजनीति में अब पारंपरिक दलों के अलावा नए विकल्पों के लिए भी जगह बन रही है।
जहां डीएमके के लिए यह सीट गंवाना एक झटका है, वहीं भाजपा के लिए यह संकेत है कि केवल हाई-प्रोफाइल चेहरे चुनाव जीतने की गारंटी नहीं होते।
दूसरी ओर, TVK के लिए यह जीत भविष्य की राजनीति में मजबूत दावेदारी का आधार बन सकती है।
मायलापुर का यह नतीजा साफ करता है कि मतदाता अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि विकल्प और बदलाव की राजनीति को भी खुलकर मौका देने लगे हैं।










