लखनऊ | 02 फरवरी 2026 (सोमवार): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और एयरोड्रम लाइसेंस की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि फरवरी में ही औपचारिक उद्घाटन के साथ उड़ानें शुरू कर दी जाएंगी। उनके शब्दों में, यह परियोजना “प्रदेश और देश—दोनों के लिए ऐतिहासिक” सिद्ध होगी और लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ देगी।
उत्तर प्रदेश बनेगा पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला राज्य
जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होते ही उत्तर प्रदेश देश का ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित होंगे। पहले से सक्रिय हवाई अड्डे हैं: चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लखनऊ), लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (वाराणसी), कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (अयोध्या)।
अब जेवर इस सूची में जुड़कर प्रदेश की एविएशन क्षमता को नई ऊंचाई देगा।
ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट, PPP मॉडल और 1300 हेक्टेयर में पहला चरण
पहले चरण में करीब 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित यह एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे PPP मॉडल के तहत तैयार किया गया है। मूल रूप से इसका पहला चरण सितंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन तकनीकी और निर्माण कारणों से समयरेखा आगे खिसकी। अब निर्माण पूरा होने और लाइसेंस प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ संचालन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।
यह परियोजना सिर्फ एक टर्मिनल और रनवे नहीं, बल्कि भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई दीर्घकालिक एविएशन बुनियाद है।
बेहतरीन कनेक्टिविटी: एक्सप्रेसवे, मेट्रो और रैपिड रेल की योजना
जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी ताकत इसकी कनेक्टिविटी है। यात्री यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए तेज़ और सुगम पहुंच पाएंगे। भविष्य में इसे मेट्रो विस्तार और दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम से जोड़ने की योजना है, जिससे NCR और पश्चिमी यूपी के शहर सीधे एयरपोर्ट नेटवर्क से जुड़ेंगे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर यात्री दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी।
पश्चिमी यूपी, हरियाणा और राजस्थान के लिए नया एविएशन हब
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होते ही यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लिए भी प्रमुख एविएशन हब बन जाएगा। लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के लिए यह एक वैकल्पिक, सुविधाजनक और समय-बचत केंद्र साबित होगा।
इसके प्रभाव केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहेंगे। क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर, औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, और रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी की उम्मीद है। स्थानीय कारोबार, होटल-रेस्तरां, परिवहन सेवाएं और सप्लाई चेन—सभी को इससे गति मिलेगी।
विकास की बड़ी तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे “विकास की बड़ी तस्वीर” का हिस्सा बताया। उनके अनुसार, यह एयरपोर्ट प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत करेगा। जेवर का यह ढांचा आने वाले वर्षों में उत्तर भारत की एविएशन रणनीति का महत्वपूर्ण स्तंभ बन सकता है।
उद्घाटन के साथ ही, जेवर का नाम देश के प्रमुख हवाई नक्शे पर स्थायी रूप से दर्ज हो जाएगा—जहां से उड़ानें ही नहीं, विकास की नई दिशाएं भी रवाना होंगी।








