नई दिल्ली, बुधवार 12 नवम्बर 2025: भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को कहा कि भारतीय सेना अब तकनीकी रूप से एक नए युग में प्रवेश कर रही है — एक ऐसा युग जहां Artificial Intelligence (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), Quantum Computing (क्वांटम कंप्यूटिंग) और 6G Technology (6जी टेक्नोलॉजी) भविष्य के युद्धों का चेहरा बदल देंगी।
उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर 1.0” से जो सबक सेना ने सीखे, वही अब “Operation Sindoor 2.0” को और ज्यादा शक्तिशाली, सटीक और भविष्य-उन्मुख बनाएंगे।
🪖 ऑपरेशन सिंदूर से मिली सीख, अब Operation Sindoor 2.0 होगा और उन्नत
सेना प्रमुख ने कहा —
“सिंदूर 1.0 ने हमें यह सिखाया कि डेटा, विश्लेषण और लोगों की सहभागिता से आधुनिक संघर्षों को कितनी कुशलता से संभाला जा सकता है। अब हम सिंदूर 2.0 की दिशा में बढ़ रहे हैं, जो इससे कई गुना उन्नत और सक्षम संस्करण होगा।”
जनरल द्विवेदी के अनुसार, Operation Sindoor 1.0 में “SAMBHAV (Secure Army Mobile Bharat Version)” जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग किया गया था, जिसने सेना को सुरक्षित संचार और विश्लेषणात्मक निर्णय लेने की नई क्षमता दी।
अब दूसरे चरण में इस प्लेटफॉर्म को और आधुनिक बनाया जा रहा है, जिसमें AI-based predictive systems, quantum encryption, और multi-domain coordination tools शामिल होंगे।
🛰️ सेना के नए मिशन: ड्रोन से लेकर क्वांटम तक
सेना प्रमुख ने रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (IDSA) के रक्षा संवाद में कहा कि भारत की सेना केवल पारंपरिक रक्षा पर नहीं, बल्कि “टेक्नोलॉजिकल आक्रामकता” पर भी ध्यान दे रही है।
उन्होंने बताया कि सेना इस समय निम्नलिखित क्षेत्रों में काम कर रही है:
- Advanced Drone Systems (उन्नत ड्रोन सिस्टम्स) — निगरानी और स्ट्राइक मिशनों दोनों के लिए।
- Quantum Mission (क्वांटम मिशन) — डेटा सुरक्षा और एन्क्रिप्शन के क्षेत्र में।
- 6G Networks (6जी नेटवर्क्स) — रियल-टाइम कम्युनिकेशन और युद्धक्षेत्र समन्वय के लिए।
- Space Operations (अंतरिक्ष अभियानों) — सैटेलाइट आधारित युद्ध प्रबंधन और नेविगेशन के लिए।
🤖 एआई, रोबोटिक्स और मानव-तकनीकी संतुलन पर फोकस
जनरल द्विवेदी ने अपने भाषण में कहा कि “आधुनिक युद्ध केवल ताकत का नहीं, बल्कि तकनीकी बुद्धिमत्ता (Technological Intelligence) का खेल बन चुका है।”
उन्होंने बताया कि सेना अब AI-powered autonomous systems, robotic combat units, और cyber defense weapons पर काम कर रही है।
“हम यह नहीं चाहते कि तकनीक मनुष्य को बदल दे — बल्कि तकनीक को मनुष्य का सहयोगी बनाना होगा,”
उन्होंने कहा।
इसलिए सेना Human-Centric Technology (मानव केंद्रित तकनीक) को अपनाते हुए Industry 4.0 से Industry 5.0 की ओर अग्रसर है, जहां मशीनें मानव संवेदनाओं के साथ तालमेल बिठाकर काम करेंगी।
🧠 तीन D की रणनीति: Democratization, Diffusion और Demography
सेना प्रमुख ने आधुनिक युद्ध की रूपरेखा समझाते हुए “3D Concept” का जिक्र किया —
- Democratization (लोकतांत्रिकरण): युद्ध में निर्णय और तकनीक अब केवल कुछ हाथों में सीमित नहीं।
- Diffusion (प्रसार): तकनीक का फैलाव सीमाओं और संस्थानों से परे हो रहा है।
- Demography (जनसांख्यिकी): युद्ध अब लोगों की इच्छाशक्ति और जन समर्थन पर भी निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि युद्ध का “ग्रे जोन” (Grey Zone) अब साइबर स्पेस, सोशल मीडिया और डेटा नेटवर्क तक फैल चुका है — जहां AI, robotics, cyber tools युद्ध के नए हथियार बन चुके हैं।
⚙️ Operation Sindoor 2.0: टेक्नोलॉजी और राष्ट्रभक्ति का संगम
जनरल द्विवेदी ने कहा कि Operation Sindoor 2.0 केवल तकनीकी नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सूचना और रणनीति का संगम होगा।
उन्होंने बताया कि सिंदूर 1.0 में दुनिया भर से प्रवासी भारतीयों और साइबर विशेषज्ञों ने ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस के जरिए मदद की थी।
“अब हमारे पास अपने नेटवर्क्स हैं, हमारी टेक्नोलॉजी है और हमारे लोग तैयार हैं,”
उन्होंने जोड़ा।
🌍 वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका
सेना प्रमुख ने कहा कि दुनिया एक unipolar (एकध्रुवीय) से multipolar (बहुध्रुवीय) व्यवस्था की ओर जा रही है और भारत इसमें एक महत्वपूर्ण शक्ति केंद्र के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा —
“हम अब केवल क्षेत्रीय सुरक्षा प्रदाता नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता के स्तंभ बन रहे हैं।”
उन्होंने यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि यह एक “लाइव लैबोरेटरी (जीवंत प्रयोगशाला)” है जिससे भविष्य के संघर्षों की दिशा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
🔬 युद्ध का नया चेहरा: 7 नैनोमिलियन तकनीक से सशक्त भारत
सेना प्रमुख ने बताया कि भारत अब 7 Nanomillion Technology (7 नैनोमिलियन तकनीक) पर भी काम कर रहा है, जो मोबाइल, कंप्यूटर, माइक्रोचिप्स और वीडियो गेम कंसोल तक फैली है।
यह तकनीक भविष्य के “7th Generation Warfare (सातवीं पीढ़ी का युद्ध)” के लिए नींव तैयार करेगी।
🪔 निष्कर्ष: तकनीक के साथ रणनीति और संवेदना का संगम
जनरल उपेंद्र द्विवेदी का संदेश स्पष्ट था — भारत की सेना अब सिर्फ सीमा की रक्षा नहीं कर रही, बल्कि भविष्य की रक्षा प्रणाली (Future Defense Architecture) तैयार कर रही है।
Operation Sindoor 2.0 उसी दिशा में उठाया गया कदम है, जहां हर सैनिक डिजिटल रूप से सशक्त होगा, हर यूनिट स्मार्ट सिस्टम से लैस होगी, और हर मिशन “मानव और मशीन की साझेदारी” से संचालित होगा।











