लखनऊ, Tue 03 Feb 2026 — फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और अपराधियों पर कार्रवाई को लेकर बेबाक टिप्पणी की। निवेशकों और उद्योग जगत की मौजूदगी में उन्होंने कहा, “अगर पुलिस गोली नहीं चलाएगी, तो क्या पुलिस को गोली खानी चाहिए?” यह बयान राज्य की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और पुलिस कार्रवाई के औचित्य के संदर्भ में आया।
मुख्यमंत्री ने 2012 से 2017 के बीच की स्थिति का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौर में 900 से अधिक दंगे हुए, कई शहरों में कर्फ्यू लगा, और व्यापारियों-उद्यमियों पर ‘गुंडा टैक्स’ का दबाव था। उनके अनुसार, ऐसी पृष्ठभूमि में सरकार की प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करना और नागरिकों में भरोसा लौटाना था।
‘जीरो टॉलरेंस’ सभी पर समान रूप से लागू
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई, जो किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि सभी पर समान रूप से लागू होती है। “अपना हो या पराया, कानून सब पर एक जैसा लागू होगा,” उन्होंने कहा। उनके मुताबिक, कई बार ऐसे हालात बनते हैं जब कानून से न डरने वालों को कानून की भाषा में जवाब देना पड़ता है—लेकिन यह सब कानून के दायरे में रहकर किया गया।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यदि अपराधी गोली चलाता है, तो पुलिस के पास भी जवाब देने का अधिकार और दायित्व है। यह व्यवस्था नागरिकों की सुरक्षा के लिए है, न कि दमन के लिए।
निवेश माहौल से जुड़ा कानून-व्यवस्था का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को सीधे निवेश माहौल से जोड़ा। उनके अनुसार, पिछले नौ वर्षों में शांति, स्थिरता और प्रशासनिक सख्ती ने उत्तर प्रदेश को एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य बनाया है। “आज न दंगे हैं, न जबरन वसूली, न अराजकता,” उन्होंने कहा, और जोड़ा कि यही भरोसा उद्योग जगत को राज्य की ओर आकर्षित कर रहा है।
कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस संदेश को और बल दिया कि सुरक्षा और पारदर्शिता निवेश निर्णयों में अहम भूमिका निभाते हैं।
संदेश साफ: कानून सर्वोपरि, निवेश के लिए अनुकूल माहौल
फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के मंच से दिया गया यह बयान केवल कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी नहीं था, बल्कि निवेशकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश भी था कि उत्तर प्रदेश में शासन-प्रशासन सख्ती और पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है। मुख्यमंत्री के शब्दों में, “कानून सर्वोपरि है”—और यही संदेश राज्य की औद्योगिक नीति के साथ कदमताल करता दिखा।











