नई दिल्ली, Sun, 08 Feb 2026। रोज़मर्रा के UPI पेमेंट के लिए जिस प्लेटफॉर्म पर करोड़ों भारतीय भरोसा करते हैं, वही अब निवेशकों के रडार पर है। वॉलमार्ट समर्थित फिनटेक कंपनी PhonePe अप्रैल में अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ लाने की तैयारी में है। मसौदा दस्तावेज़ों के मुताबिक, यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा—यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा बेचेंगे।
कौन बेच रहा है हिस्सेदारी, कितने शेयर?
इस OFS के तहत Walmart, Microsoft और Tiger Global सहित प्रमुख निवेशक 5.06 करोड़ शेयर बेचेंगे। चूंकि यह फ्रेश इश्यू नहीं है, इसलिए जुटाई गई रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी; यह राशि शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलेगी।
SEBI से मंजूरी, अप्रैल लक्ष्य
कंपनी को आईपीओ के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से जनवरी में मंजूरी मिल चुकी है। बाजार सूत्रों के अनुसार, लिस्टिंग विंडो अप्रैल के लिए लक्षित है, हालांकि अंतिम तिथियां आरएचपी में स्पष्ट होंगी।
डिजिटल पेमेंट से आगे: फाइनेंशियल सर्विसेज और नए प्लेटफॉर्म
UPI और डिजिटल पेमेंट में मजबूत पकड़ के साथ PhonePe अब रेवेन्यू स्रोतों में विविधता ला रही है। कंपनी ऋण (लोन), बीमा और निवेश सेवाओं के विस्तार पर जोर दे रही है। इसी रणनीति के तहत उसके दो उभरते प्लेटफॉर्म चर्चा में हैं—
- Share.Market: निवेश/वेल्थ मैनेजमेंट पर फोकस
- Indus Appstore: स्वदेशी ऐप मार्केटप्लेस का प्रयास
मसौदे में कंपनी ने संकेत दिया है कि डिजिटल पेमेंट उसकी वृद्धि का मुख्य इंजन बना रहेगा, लेकिन समानांतर रूप से वित्तीय सेवाओं और उपभोक्ता प्लेटफॉर्म में पूंजी निवेश जारी रहेगा।
बाजार का आकार: आगे कितनी गुंजाइश?
इंडस्ट्री अनुमानों के हवाले से दस्तावेज़ों में उल्लेख है कि भारत में डिजिटल उपभोक्ता भुगतान का कुल संभावित बाजार वित्त वर्ष 2025 में 301 लाख करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2030 तक 602–681 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह परिदृश्य PhonePe जैसे प्लेटफॉर्म के लिए दीर्घकालिक अवसर रेखांकित करता है।
GMP कितना है?
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नज़र रखने वाले निवेशकों के लिए फिलहाल संकेत ठंडे हैं—GMP शून्य (0) बताया जा रहा है। यानी अनौपचारिक बाजार में अभी इस इश्यू को लेकर अतिरिक्त प्रीमियम की हलचल नहीं दिख रही। आम तौर पर RHP, प्राइस बैंड और तिथियों के बाद GMP में हलचल देखी जाती है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
- OFS होने से कंपनी के खाते में नई पूंजी नहीं आएगी
- ब्रांड, यूजर बेस और इकोसिस्टम की ताकत प्रमुख आकर्षण
- फाइनेंशियल सर्विसेज व नए प्लेटफॉर्म भविष्य की ग्रोथ कहानी
- वैल्यूएशन, प्राइस बैंड और जोखिम कारकों का आकलन RHP के बाद जरूरी
नोट: निवेश से पहले आधिकारिक दस्तावेज़, प्राइस बैंड, जोखिम कारक और वित्तीय विवरण अवश्य पढ़ें।













