लखनऊ (Sat, 25 Oct 2025): दीपावली से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan-Dhanya Krishi Yojana) अब गति पकड़ रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और फसलों की उत्पादकता में सुधार लाना है। उत्तर प्रदेश में इसके लिए कुल 12 जिलों का चयन किया गया है।
चयनित जिले हैं: महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, जालौन, झांसी, ललितपुर, उन्नाव, प्रयागराज, प्रतापगढ़, श्रावस्ती और सोनभद्र। इन जिलों में योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां स्थानीय जलवायु और परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं तैयार करेंगी और उन्हें लागू करेंगी।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति भी बनाई गई है, जो योजना के लिए समय पर धनराशि उपलब्ध कराना और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगी। जिला स्तर पर 17 सदस्यीय समितियों का गठन किया गया है, जिनमें कृषि, जिला पंचायत, उद्यान, मत्स्य, पशुधन आदि विभागों के अधिकारी शामिल हैं। ये समितियां किसानों, पंचायत पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों से परामर्श लेकर जिला कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना तैयार करेंगी।
योजना का मुख्य फोकस सतत कृषि पद्धतियों, फसल विविधीकरण, जल और मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण, सिंचाई सुविधा, भंडारण एवं ऋण सुलभता पर रहेगा। कृषि जलवायु परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त फसल पैटर्न और संबद्ध गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके साथ ही, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे उत्पादकता बढ़े और मूल्य संवर्धन (Value Addition) सुनिश्चित हो।
जिला समितियां योजना के क्रियान्वयन की मासिक समीक्षा करेंगी। वहीं, राज्य स्तरीय समिति में भी 17 सदस्य शामिल हैं, जो समय पर धनराशि जारी करना, विभागों के बीच समन्वय बनाए रखना और चयनित जिलों के उत्पादों के विपणन, ब्रांडिंग व मूल्य संवर्धन में सहयोग देंगे। योजना के नोडल अधिकारी के रूप में कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी नियुक्त किए गए हैं।
इस पहल से उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ेगी, फसलों की उत्पादकता में सुधार होगा और राज्य की कृषि समृद्धि में नई रफ्तार आएगी।








