नई दिल्ली (7 मार्च 2026)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जन औषधि परियोजना देश के आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की केंद्र सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से लाखों परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में राहत मिल रही है और उन्हें बेहतर इलाज भी मिल पा रहा है।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को जन औषधि दिवस के अवसर पर इस योजना से लाभान्वित लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को आवश्यक दवाएं किफायती कीमत पर उपलब्ध हों।
जन औषधि परियोजना पर पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि जन औषधि परियोजना का उद्देश्य देश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने लिखा कि जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर इस योजना से लाभान्वित होने वाले सभी लोगों को उनकी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसके तहत नागरिकों को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से देशभर में लाखों परिवारों को स्वास्थ्य खर्च में बड़ी बचत हो रही है और उन्हें समय पर उपचार भी मिल पा रहा है।
लाखों परिवारों को मिल रहा फायदा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जन औषधि परियोजना के तहत देशभर में हजारों जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी कम कीमत पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इन केंद्रों से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को विशेष लाभ मिल रहा है, क्योंकि उन्हें जरूरी दवाएं सस्ती दरों पर मिल जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच बढ़ी है और इलाज का खर्च भी काफी हद तक कम हुआ है।
2016 में शुरू हुई थी जन औषधि परियोजना
जन औषधि परियोजना की शुरुआत नवंबर 2016 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाना है।
अधिकारियों के अनुसार, यह योजना न केवल दवाओं को सस्ती बनाती है बल्कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को भी मजबूत करती है। उनका कहना है कि जब तक स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों की पहुंच में नहीं होंगी, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।
सरकार का मानना है कि जन औषधि केंद्रों के विस्तार से आने वाले वर्षों में और अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिससे देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।












