नई दिल्ली/09 जून 2026: भारत के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पड़ोसी देश श्रीलंका से विशेष शुभकामना संदेश मिला है। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई देते हुए एक पत्र भेजा है। उन्होंने इसे केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया।
सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर राष्ट्रपति ने जताई खुशी
राष्ट्रपति दिसानायके ने अपने संदेश में कहा कि भारत गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की उपलब्धि अत्यंत उल्लेखनीय है। उन्होंने श्रीलंका सरकार और वहां की जनता की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लगातार चुनाव जीतकर जनता का विश्वास बनाए रखना आसान नहीं होता। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, कार्यशैली और जनसमर्थन को दर्शाती है।
लगातार जनादेश को बताया लोकतांत्रिक विश्वास का प्रमाण
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि भारत जैसा विशाल, विविधतापूर्ण और गतिशील देश लगातार एक ही नेतृत्व को जनादेश देता है तो यह शासन की प्रभावशीलता और जनता के भरोसे को दर्शाता है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न चुनौतियों के बीच भी लोगों का विश्वास बनाए रखा, जो किसी भी लोकतांत्रिक नेता के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली नीतियों ने जनता के बीच सरकार की स्वीकार्यता को मजबूत किया है।
भारत के आर्थिक और सामाजिक बदलाव की सराहना
पत्र में राष्ट्रपति दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए भारत के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन कार्यकालों में भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
उनके अनुसार बुनियादी ढांचे के विस्तार, वित्तीय समावेशन, डिजिटल सेवाओं की पहुंच, सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार और नए आर्थिक अवसरों ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।
भारत-श्रीलंका संबंधों को बताया और मजबूत
राष्ट्रपति ने अपने पत्र में भारत और श्रीलंका के रिश्तों का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है और यह साझेदारी साझा इतिहास, सांस्कृतिक जुड़ाव तथा आपसी विश्वास पर आधारित है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होगा तथा इसका लाभ दोनों देशों की जनता को मिलेगा।
कठिन समय में भारत के सहयोग के लिए जताया आभार
दिसानायके ने श्रीलंका के आर्थिक और सामाजिक संकट के दौर में भारत द्वारा दिए गए सहयोग को भी याद किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत समर्थन और भारत सरकार की सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में भारत एक भरोसेमंद मित्र के रूप में श्रीलंका के साथ खड़ा रहा।
गौरतलब है कि यह पत्र ऐसे समय भेजा गया है जब 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का नया रिकॉर्ड स्थापित करने जा रहे हैं। यही कारण है कि इस उपलब्धि को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और पड़ोसी देशों की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी जा रही हैं।
सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर पीएम मोदी को श्रीलंका का सम्मानपूर्ण संदेश
श्रीलंका के राष्ट्रपति का यह पत्र केवल औपचारिक बधाई नहीं माना जा रहा, बल्कि दक्षिण एशिया में भारत की बढ़ती भूमिका, दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता का भी संकेत माना जा रहा है।











