त्रिची, 11 मार्च 2026। पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (त्रिची) में बुधवार को आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को लेकर घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, लेकिन भारत सरकार हर परिस्थिति में ‘इंडिया फर्स्ट’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे केवल सत्यापित और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों को फैलाने से बचें।
पीएम मोदी ने भरोसा जताते हुए कहा, “मुझे विश्वास है कि एक राष्ट्र के रूप में भारत हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। देश की ताकत उसकी एकता और धैर्य में है।”
पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर लोगों से संयम रखने की अपील
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों का असर कई देशों पर पड़ रहा है, लेकिन भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि संकट के समय अफवाहें माहौल को और ज्यादा अस्थिर कर सकती हैं, इसलिए नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे संयम और विवेक से काम लें।
उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत रखने के लिए सरकार पहले से ही कई कदम उठा रही है। ऐसे समय में जनता का धैर्य और सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
डीएमके सरकार पर प्रधानमंत्री का तीखा हमला
जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तिरुचिरापल्ली साहस और आस्था की भूमि है और यहां आकर उन्हें हमेशा एक अलग ऊर्जा का अनुभव होता है।
पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु की जनता अब बदलाव चाहती है और राज्य में राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है। उनके मुताबिक लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो हर परिवार के हित में काम करे, न कि केवल एक परिवार के लिए।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि डीएमके शासन में सत्ता एक ही परिवार के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गई है। उन्होंने कहा कि मंत्री और विधायक बदलते रहते हैं, लेकिन असली शक्ति उसी परिवार के पास रहती है।
‘वैज्ञानिक भ्रष्टाचार मॉडल’ का आरोप
प्रधानमंत्री ने डीएमके पर भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में एक तरह का “वैज्ञानिक भ्रष्टाचार मॉडल” चलाया जा रहा है।
उनके शब्दों में, तमिलनाडु को एक परिवार का “एटीएम” बना दिया गया है, जहां सत्ता और संसाधनों का लाभ सीमित लोगों तक ही पहुंच रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि राज्य के युवाओं और आम नागरिकों के सपनों के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और पारदर्शी शासन ही लोकतंत्र की असली पहचान है।
तिरुची के ‘कैश-फॉर-जॉब’ घोटाले का उल्लेख
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने तिरुचिरापल्ली जिले से जुड़े कथित ‘कैश-फॉर-जॉब’ घोटाले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब नौकरियां पैसे लेकर दी जाती हैं तो गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं के सपने टूट जाते हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, भ्रष्टाचार की यह व्यवस्था अंततः एक ही परिवार तक पहुंच जाती है। उन्होंने अवैध रेत खनन का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि इससे नदियों के पारिस्थितिक संतुलन और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
किसानों और विकास परियोजनाओं पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने कावेरी डेल्टा क्षेत्र के किसानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये किसान तमिलनाडु की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। उन्हें बेहतर दाम, आधुनिक भंडारण सुविधाएं और मजबूत कृषि ढांचा मिलना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार ने अनाज के गोदाम बनाने का वादा किया था, लेकिन किसान आज भी उन गोदामों को ढूंढ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि तिरुचिरापल्ली हवाईअड्डे का नया टर्मिनल आधुनिक सुविधाओं के साथ तमिल संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत करता है। इसके अलावा मदुरै हवाईअड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिए जाने से वैश्विक संपर्क और मजबूत होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के बेटे सी.पी. राधाकृष्णन का देश के उपराष्ट्रपति पद पर पहुंचना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।













