नई दिल्ली (7 मार्च 2026)। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओम बिरला की खुलकर सराहना करते हुए उन्हें एक शानदार सांसद और बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिरला संविधान और संसदीय परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान रखते हैं और सदन को संतुलित ढंग से चलाने की क्षमता रखते हैं।
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर 9 मार्च से चर्चा होने की संभावना है।
ओम बिरला पर पीएम मोदी की प्रशंसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए ओम बिरला की कार्यशैली और नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने लिखा कि बिरला न सिर्फ एक उत्कृष्ट सांसद हैं, बल्कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने अपनी भूमिका को बेहद संतुलित और गरिमापूर्ण तरीके से निभाया है।
पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा की नगरी कोटा से आने वाले ओम बिरला सदन में एक ऐसे मुखिया की तरह काम करते हैं जो सभी को साथ लेकर चलते हैं। उनके अनुसार बिरला हमेशा पक्ष और विपक्ष से ऊपर उठकर सभी सांसदों के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बिरला की नेतृत्व शैली सदन में संवाद और संतुलन की भावना को मजबूत करती है।
कोटा एयरपोर्ट परियोजना में बिरला के प्रयासों की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे की आधारशिला रखने के अवसर पर जारी वीडियो संदेश में भी ओम बिरला के योगदान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के पीछे बिरला के निरंतर प्रयास रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ओम बिरला हमेशा कोटा क्षेत्र के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोटा में हवाई अड्डा परियोजना, नया आईआईआईटी परिसर और सड़कों के विस्तार जैसे कई विकास कार्यों में बिरला की सक्रिय भूमिका रही है।
मोदी के अनुसार, बिरला के प्रयासों से न सिर्फ कोटा बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है।
सदन संचालन की क्षमता पर भी प्रधानमंत्री की टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में ओम बिरला को एक प्रभावशाली वक्ता और अनुभवी सांसद बताया। उन्होंने कहा कि बिरला संसदीय प्रणालियों के प्रति गहरी समझ रखते हैं और सदन के संचालन में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बिरला अक्सर कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखते हैं और सदन की गरिमा को बनाए रखने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष के रूप में बिरला का काम पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करना रहा है।
बजट सत्र और अविश्वास प्रस्ताव पर नजर
इस बीच संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इसी दिन ओम बिरला को पद से हटाने से जुड़े विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। चर्चा के दौरान बिरला कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करेंगे और अन्य सांसदों के साथ सदन में बैठेंगे।
हालांकि नियमों के अनुसार उन्हें अपना पक्ष रखने और मतदान में हिस्सा लेने का अधिकार रहेगा।
बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। कांग्रेस के तीन सांसद—मोहम्मद जावेद, कोडिकुन्निल सुरेश और मल्लूर रवि—ने लोकसभा अध्यक्ष पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं और उन्हें हटाने की मांग की है।
उधर, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन-लाइन व्हिप जारी करते हुए 9 से 11 मार्च तक सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
संसद का आगामी सत्र ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब ओम बिरला को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।












