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पुलिस स्मृति दिवस 2026: अमित शाह बोले- आंतरिक सुरक्षा की पहली और आखिरी पंक्ति पुलिस, 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य

On: October 21, 2026
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पुलिस स्मृति दिवस 2026, 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य
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नई दिल्ली/21 अक्टूबर 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें देश की आंतरिक सुरक्षा की पहली और आखिरी पंक्ति बताया। राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, माओवाद पर अंकुश और पूर्वोत्तर में अलगाववाद से निपटने में सुरक्षा बलों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। इस अवसर पर उन्होंने 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशे से मुक्त करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पुलिसकर्मियों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।

पुलिस स्मृति दिवस पर अमित शाह ने जवानों के योगदान को सराहा

बुधवार को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस के जवान चुनाव, त्योहार और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार ड्यूटी करते हैं।

गृह मंत्री के मुताबिक, पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संचालित कराने और देश में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी उनकी अहम भूमिका है।

उन्होंने कहा कि देश आज वैश्विक स्तर पर जिस सम्मानजनक स्थिति में खड़ा है, उसके पीछे सुरक्षा बलों का त्याग, समर्पण और बलिदान भी एक महत्वपूर्ण आधार है। पुलिस की सेवा को कठिन बताते हुए उन्होंने कहा कि जवानों को कई बार त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर ड्यूटी निभानी पड़ती है।

आतंकवाद और माओवाद के खिलाफ लड़ाई में पुलिस की अहम भूमिका

अमित शाह ने आतंकवाद, माओवाद और अलगाववाद के खिलाफ अभियानों में पुलिसकर्मियों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की भूमिका निर्णायक रही है।

उन्होंने बताया कि देश में आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के दौरान हुए संघर्षों में 36 हजार से अधिक पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं। वहीं, माओवाद के खिलाफ लड़ाई में 3,600 से अधिक पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है।

इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जवानों ने भारी कीमत चुकाई है। उनके योगदान को याद रखना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना पूरे देश की जिम्मेदारी है।

लोकतंत्र की मजबूती में सुरक्षा बलों का योगदान

गृह मंत्री ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस बार चुनाव के दौरान एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई और इसका श्रेय सुरक्षा बलों को जाता है।

अमित शाह के अनुसार, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की सक्रियता के बिना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संचालित करना मुश्किल है। चुनाव से लेकर सार्वजनिक आयोजनों तक, सुरक्षा बलों की मौजूदगी नागरिकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त भारत बनाने का लक्ष्य

पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में अमित शाह ने नशे के खिलाफ अभियान को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने ड्रग्स के विरुद्ध जागरूकता का संदेश देने वाली देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान उन्होंने देशभर के पुलिसकर्मियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार किए गए ‘नशामुक्त भारत’ के रोडमैप को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। सरकार के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करने की दिशा में काम किया जाना है।

नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस की भूमिका केवल मादक पदार्थों की तस्करी रोकने तक सीमित नहीं है। अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई, युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयास और जन जागरूकता अभियान भी इस चुनौती से निपटने के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

पुलिसकर्मियों के त्याग को किया नमन

पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन देशभर में उन जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।

अमित शाह का संबोधन पुलिस बलों के योगदान और आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों पर केंद्रित रहा। साथ ही, नशामुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पुलिस की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

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