वाराणसी/9 सितंबर 2026। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में बुधवार को नौवें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री बेबी रानी मौर्य समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण सामग्री वितरण का स्थान न मानकर बच्चों के स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और समग्र विकास का केंद्र बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संवाद किया। बातचीत के दौरान उन्होंने गोरखपुर के बसियापुर गांव की कार्यकर्ता से कहा, ‘मैं आपके गांव में गया हूं।’ कार्यकर्ता ने भी मुख्यमंत्री को पहचानने की बात कही। इस छोटे से संवाद ने कार्यक्रम के औपचारिक माहौल के बीच स्थानीय स्तर पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को सामने ला दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों की पुरानी स्थिति का CM योगी ने किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय कई आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत बेहद खराब थी।
सीएम योगी ने बताया कि जब उन्होंने व्यवस्था को लेकर जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण सामग्री की आपूर्ति में शराब माफिया का हस्तक्षेप था और वह अपनी मनमानी करता था। पोषण सामग्री समय से पहुंचने के सवाल पर उन्हें बताया गया कि कई बार दो से तीन महीने लग जाते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था की खामी के लिए लखनऊ में बैठे लोग जिम्मेदार थे, लेकिन उसका खामियाजा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भुगतना पड़ता था। उनके मुताबिक, काम का पूरा बोझ उठाने के बावजूद लंबे समय तक उनके मानदेय में भी अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई।
‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है इस साल की थीम
इस वर्ष पोषण माह 2026 की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। अभियान में समुदाय की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका केवल बच्चों और महिलाओं को पोषण उपलब्ध कराने तक सीमित न रहे। इन केंद्रों को बच्चों के स्वास्थ्य, शुरुआती शिक्षा और उनके समग्र विकास से जोड़ने के साथ परिवार और समुदाय की भागीदारी भी बढ़ाई जाए।
पोषण अभियान में जनभागीदारी जरूरी : बेबी रानी मौर्य
उत्तर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि प्रदेश में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत पोषण अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी को बेहद जरूरी बताया।
मंत्री ने कहा कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इससे एक बड़ा सामाजिक संदेश जुड़ा है। समुदाय का सहयोग मिलने पर अभियान को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभियान में सहयोग करने वाले अभिभावकों के सम्मान की व्यवस्था भी की जा रही है।
बेबी रानी मौर्य ने बच्चों को देश की नींव बताते हुए कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो बच्चों को पोषित करना जरूरी है। इस दिशा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने मातृ वंदना योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल देने का भी प्रयास किया जा रहा है।
मां अन्नपूर्णा की धरती से देश को पोषण का संदेश : सावित्री ठाकुर
केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने वाराणसी में राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत को विशेष अवसर बताते हुए कहा कि मां अन्नपूर्णा की धरती से पूरे देश को पोषण का संदेश दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बच्चे के जीवन के शुरुआती दो वर्ष बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में पर्याप्त और अच्छा पोषण मिलने का उसके विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने पोषण की इस पूरी प्रक्रिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को अहम बताया और कहा कि कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह निभा रही हैं।
सावित्री ठाकुर ने मातृ वंदना योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान ने समाज की सोच में बदलाव लाने का काम किया है।
वाराणसी से शुरू हुआ पोषण माह 2026 इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें पोषण को केवल भोजन उपलब्ध कराने के सवाल से आगे ले जाकर बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस पूरी व्यवस्था की जमीनी कड़ी हैं और अभियान की सफलता काफी हद तक उनकी सक्रिय भूमिका और समुदाय के सहयोग पर निर्भर करेगी।










