लखनऊ/8 अक्टूबर 2026: लखनऊ में गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय राजनीति में उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान भी मौजूद रहे। एनडीए के सहयोगी दल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी को गठबंधन के राजनीतिक रिश्तों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
रामविलास पासवान सदैव गरीबों के हित में काम करते रहे: योगी
लखनऊ के दयाल बाग स्थित एन इको रिसॉर्ट में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन वंचित तथा गरीब वर्ग के हितों के लिए समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामविलास पासवान वंचित लोगों की मदद करते थे और हमेशा गरीबों के हित के लिए काम करते रहे। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
योगी आदित्यनाथ ने रामविलास पासवान की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि उनके सपनों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब उनके पुत्र चिराग पासवान निभा रहे हैं।
यूपी से रामविलास पासवान का रहा गहरा जुड़ाव
श्रद्धांजलि सभा में चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता के उत्तर प्रदेश से गहरे संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पहली बार उत्तर प्रदेश में मनाने का निर्णय पार्टी कार्यकर्ताओं और यूपी कैडर की मांग को देखते हुए लिया गया।
चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता को उत्तर प्रदेश से बेहद लगाव था और उनकी पार्टी लंबे समय से राज्य में संगठन का विस्तार करने की दिशा में काम कर रही है। पार्टी के कार्यकर्ताओं की मांग पर लखनऊ में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि रामविलास पासवान इतनी जल्दी दुनिया से चले जाएंगे। इस वर्ष उनकी छठी पुण्यतिथि है और इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उन्हें याद करना भावुक क्षण है।
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव पर भी नजर
लोजपा (रामविलास) की उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की कवायद को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान पहले ही राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में तैयारियां शुरू कर चुके हैं।
रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के बहाने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम ने पार्टी को अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद का अवसर भी दिया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने एनडीए के घटक दलों के बीच राजनीतिक समन्वय का संदेश भी दिया।
चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से अच्छे संबंध थे। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं के साथ संबंध बनाए रखे थे। यही वजह है कि उनकी राजनीतिक विरासत आज भी अलग-अलग वर्गों में चर्चा का विषय बनी हुई है।








