अयोध्या, 12 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश में जब भी किसी बड़े राष्ट्रीय आयोजन या संवैधानिक पदाधिकारी के दौरे की बात होती है, तो उसकी तैयारियों को लेकर प्रशासनिक सक्रियता भी उसी अनुपात में बढ़ जाती है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आगामी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अयोध्या दौरा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू की।
मुख्यमंत्री का यह दौरा विशेष रूप से 19 मार्च को श्रीराम जन्मभूमि परिसर में आयोजित होने वाले नवसंवत्सर समारोह के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अयोध्या आने वाली हैं, जिसके चलते सुरक्षा, व्यवस्थाओं और कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अयोध्या दौरा: तैयारियों की समीक्षा में जुटे मुख्यमंत्री
गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर रामकथा पार्क हेलीपैड पर लगभग सवा दस बजे उतरा। वहां से उनका काफिला सीधे हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचा। मंदिर में मुख्यमंत्री ने बजरंग बली के दर्शन-पूजन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
दर्शन के बाद उन्होंने महंत संत राजू दास सहित अन्य साधु-संतों से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। अयोध्या की धार्मिक परंपरा और संत समाज से संवाद को मुख्यमंत्री हमेशा प्राथमिकता देते रहे हैं, इसलिए यह मुलाकात भी औपचारिकता से कहीं अधिक आत्मीय दिखाई दी।
हनुमानगढ़ी से निकलने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचा। यहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए और मंदिर परिसर का संक्षिप्त निरीक्षण भी किया। मंदिर परिसर में मौजूद व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से प्रारंभिक जानकारी भी ली गई।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें आगामी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अयोध्या दौरा को लेकर अब तक की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर उच्च स्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी मौजूद रहे।
बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रपति के कार्यक्रम की रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि राष्ट्रपति के आगमन के दौरान अयोध्या की धार्मिक गरिमा और व्यवस्थाओं दोनों का संतुलन बना रहे।
पहले भी हो चुकी है तैयारियों की समीक्षा
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन पहले से ही सक्रिय है। इससे एक दिन पहले, बुधवार को एडीजी जोन प्रवीण कुमार ने भी अयोध्या में अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी।
प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि 19 मार्च को आयोजित होने वाला नवसंवत्सर समारोह पूरी तरह सुव्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो।
अयोध्या में होने वाला यह कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यहां आगमन न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएगा बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं का ध्यान भी इस आयोजन की ओर आकर्षित करेगा।









