नई दिल्ली, 8 मार्च 2026। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हलचल अचानक तेज हो गई, जब राष्ट्रपति मुर्मु टिप्पणी विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ की गई टिप्पणी न सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसा है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “देश की जनता और नारी शक्ति इस तरह के अपमान को कभी माफ नहीं करेगी।” उनके इस बयान के बाद केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु टिप्पणी विवाद पर पीएम मोदी का हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऐसे में उनके खिलाफ की गई टिप्पणियां लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ हैं।
मोदी ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक मतभेद का नहीं है, बल्कि यह देश की गरिमा और महिलाओं के सम्मान से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत की महिलाएं और देश की जनता इस तरह के व्यवहार को स्वीकार नहीं करेंगी।
प्रधानमंत्री के इस बयान को महिला दिवस के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने इसे सीधे ‘नारी शक्ति के सम्मान’ से जोड़ा।
कार्यक्रम स्थल बदलने से शुरू हुआ पूरा विवाद
दरअसल, यह विवाद पश्चिम बंगाल में आयोजित 9वें इंटरनेशनल संथाली कॉन्क्लेव के कार्यक्रम स्थल में अचानक बदलाव के बाद सामने आया।
पहले यह कार्यक्रम बिधाननगर में आयोजित होना था, लेकिन बाद में प्रशासन ने भीड़ और सुरक्षा का हवाला देते हुए इसे सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा एयरपोर्ट के नजदीक गोशाईपुर के एक छोटे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार के कई मंत्री वहां मौजूद नहीं थे। इसी बात ने विवाद को और गहरा कर दिया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने भी जताई नाराजगी
शनिवार को ट्राइबल कम्युनिटी कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदलने पर अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जताई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को दूर स्थान पर आयोजित करने के कारण स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल नहीं हो सके।
सिलीगुड़ी के पास फांसीदेवा में एक सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि संभवतः प्रशासन को लगा होगा कि लोग कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाएंगे और उन्हें वापस लौटना पड़ेगा।
“ममता मेरी छोटी बहन जैसी हैं” — राष्ट्रपति मुर्मु
अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी “छोटी बहन” बताते हुए हैरानी भी जताई।
उन्होंने कहा,
“मुख्यमंत्री मैडम कार्यक्रम में नहीं आईं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। क्या मुझे बंगाल आने की अनुमति नहीं है? ममता दीदी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। शायद वह मुझसे नाराज हैं, इसलिए कार्यक्रम इतनी दूर रखा गया।”
राष्ट्रपति के इस भावनात्मक बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी।
ममता बनर्जी का पलटवार
दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा पर पलटवार किया।
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा राष्ट्रपति का नाम लेकर राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि हर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी संभव नहीं होती, खासकर तब जब राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हों और कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां हों।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
राष्ट्रपति मुर्मु टिप्पणी विवाद ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। एक तरफ भाजपा इसे संवैधानिक पद के सम्मान का मुद्दा बता रही है, वहीं टीएमसी इसे राजनीतिक आरोप बता रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा राज्य की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है।











