Mon, 09 Feb 2026 | मुंबई — समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में करण जौहर ने कहा कि वे यहां आकर “भावुक” हो गए। उन्होंने मोहन भागवत के भाषण की प्रशंसा करते हुए उन्हें “प्रभावशाली वक्ता” बताया और उनके सेंस ऑफ ह्यूमर की भी खुलकर तारीफ की। करण के शब्दों में, “उनके विचारों ने हमें सोचने पर मजबूर किया, और उनके हास्यबोध ने माहौल को हल्का भी रखा। हम सबने तालियाँ बजाईं, हँसे, और इस आयोजन के लिए आभार महसूस किया। ऐसा आयोजन हर साल होना चाहिए।”
करण जौहर ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री से कई लोग इस मौके पर मौजूद थे और सबने वक्तव्य को ध्यान से सुना। कार्यक्रम का स्वर औपचारिक होते हुए भी संवादधर्मी रहा—जहाँ श्रोता सिर्फ दर्शक नहीं, सहभागी दिखे।
दूसरी ओर, कंगना रनौत ने मोहन भागवत के उस विचार का समर्थन किया जिसमें वीर सावरकर को भारत रत्न देने के प्रश्न पर उन्होंने कहा था कि ऐसा होने पर “सम्मान की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी।” कंगना ने कहा, “हर भारतीय की वही भावना है जो मोहन भागवत ने व्यक्त की है। वे भारत रत्न से भी ऊपर हैं, लेकिन यदि यह सम्मान मिलता है तो यह देश के लिए गर्व का क्षण होगा।”
समारोह में फिल्म जगत की व्यापक भागीदारी भी चर्चा में रही। पहले दिन रणबीर कपूर, मोहित सूरी, सुभाष घई, नितेश तिवारी, ओम राउत और प्रसून जोशी नजर आए। दूसरे दिन करण जौहर के साथ अक्षय कुमार, विक्की कौशल, अनन्या पांडे, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, जैकी श्रॉफ, रूपाली गांगुली, विनीत कुमार सिंह के अलावा फिल्मकार मधुर भंडारकर, महेश मांजरेकर, आनंद एल राय और अमर कौशिक भी मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं, जिनमें ये हस्तियां दर्शकों के बीच बैठकर कार्यक्रम सुनती दिखीं। यही दृश्य इस आयोजन की चर्चा का केंद्र भी बना—जहाँ सिनेमा, विचार और सार्वजनिक विमर्श एक ही फ्रेम में नजर आए।












