लखनऊ, गुरुवार 06 नवंबर 2025 | उत्तर प्रदेश के लाखों अभिभावकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने इस बार Right to Education (RTE) Admission के तहत 6.5 लाख मुफ्त सीटों को आरक्षित किया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने पोर्टल एक्टिव कर दिया है और अधिकारियों के लॉगिन-पासवर्ड भी तैयार हो रहे हैं ताकि आवेदन प्रक्रिया सुचारू रहे। इसकी शुरुआत नवंबर के आखिरी सप्ताह या दिसंबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना है।
प्रदेश के 65 हजार से अधिक निजी विद्यालय पहले ही विभाग के पोर्टल पर मैप हो चुके हैं, जहाँ नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और कक्षा 1 में अलाभित समूह (economically weaker sections) तथा दुर्बल वर्ग (disadvantaged group) के बच्चों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा। पिछली बार मिली जानकारी के अनुसार, 2024 में करीब 3.50 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1.85 लाख सीटें आवंटित हुईं और 1.41 लाख बच्चों ने दाखिला लिया।
इस बार विभाग ने लक्ष्य रखा है—“हर सीट भरी जाए”, इसलिए आवेदन प्रक्रिया के साथ जिला स्तर पर शिकायत निस्तारण (grievance redressal) समितियाँ भी गठित की गई हैं। इनकी अध्यक्षता CDO करेंगे, जबकि समिति में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) शामिल होंगे।
अभिभावक के लिए यह जरूरी है कि वे सभी ज़रूरी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें—क्योंकि आवेदन के समय किसी भी तरह की कमी कहें या त्रुटि कहें, प्रवेश प्रक्रिया में देरी या रद्दीकरण का कारण बन सकती है।
जरूरी दस्तावेज़ (अभिभावकों के लिए चेकलिस्ट)
- बच्चे और अभिभावक का आधार कार्ड
- निवास प्रमाणपत्र
- अभिभावक का बैंक खाता (आधार से लिंक)
- जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
- आय प्रमाणपत्र (अधिकतम ₹1 लाख वार्षिक)
- CMO की ओर से जारी मेडिकल प्रमाणपत्र (दिव्यांग/गंभीर रोग वाले अभिभावकों के बच्चों के लिए)
- बेघर या निराश्रित बच्चों के लिए तहसीलदार का प्रमाणपत्र
- पेंशनधारी अभिभावकों के लिए सरकार का प्रमाणपत्र
RTE Admission: आवेदन के लिए आयु सीमा (1 अप्रैल 2025 के आधार पर)
- नर्सरी: 3 से 4 वर्ष
- एलकेजी: 4 से 5 वर्ष
- यूकेजी: 5 से 6 वर्ष
- कक्षा 1: 6 से 7 वर्ष
पिछले वर्ष के आंकड़ें – कौन से जिले रहे आगे/पीछे
सबसे कम आवंटित सीटों वाले जिले
- महोबा: 366
- बहराइच: 367
- चित्रकूट: 382
- श्रावस्ती: 465
- कन्नौज: 544
सबसे अधिक आवंटित सीटों वाले जिले
- लखनऊ: 18,093
- वाराणसी: 10,409
- कानपुर नगर: 8,729
- आगरा: 6,671
- गाजियाबाद: 6,306
निष्कर्ष
शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम न सिर्फ़ एक सरकारी योजना है, बल्कि लाखों बच्चों के भविष्य को रोशन करने वाली पहल है। इस बार उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बढ़ी सीटों और मज़बूत तकनीकी ढांचे के साथ पूरी उम्मीद है कि अधिक से अधिक बच्चे मुफ्त व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ेंगे।








