लखनऊ, 15 फरवरी 2026 (रविवार): उत्तर प्रदेश में शिक्षा के अधिकार कानून के तहत चल रही आरटीई प्रवेश 2026 प्रक्रिया ने इस बार शुरुआती चरण में ही रिकॉर्ड बना दिया है। नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत पहले चरण के आवेदन में अब तक 2.25 लाख से अधिक आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। खास बात यह है कि आवेदन की अंतिम तिथि 16 फरवरी है, यानी अभी दो दिन बाकी हैं और संख्या के और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
पहले ही चरण में रिकॉर्ड आवेदन
दो फरवरी से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया में शनिवार देर शाम तक 2,22,939 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जबकि पिछले साल इसी चरण में यह संख्या लगभग 1.32 लाख थी। प्रदेश के करीब 68 हजार निजी विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के तहत 6.80 लाख सीटें निर्धारित हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता और बेहतर प्रचार-प्रसार के चलते इस बार अधिक अभिभावक आवेदन प्रक्रिया से जुड़ रहे हैं। आवेदन के साथ ही प्रतिदिन सत्यापन का काम भी किया जा रहा है, ताकि प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
18 फरवरी को होगी लॉटरी
अधिकारियों के मुताबिक आवेदन पत्रों में मिलने वाली कमियों को तुरंत ठीक कराया जा रहा है, जिससे निर्धारित समय के अनुसार 18 फरवरी को लॉटरी प्रक्रिया जारी की जा सके। यह लॉटरी आरटीई सीटों पर चयन का मुख्य आधार होगी और इसके जरिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश मिलेगा।
लखनऊ और वाराणसी टॉप पर
अब तक के आंकड़ों में लखनऊ 15,899 आवेदन के साथ पहले स्थान पर है, जबकि वाराणसी 15,494 आवेदन के साथ दूसरे नंबर पर रहा। इसके अलावा आगरा (11,980), कानपुर नगर (11,418), बुलंदशहर (9,393), मुरादाबाद (7,759), अलीगढ़ (7,560), मेरठ (7,542), हाथरस (6,275) और प्रयागराज (5,883) प्रमुख जिलों में शामिल हैं जहां आवेदन संख्या काफी अधिक रही।
इन जिलों में आवेदन कम
कुछ जिलों में अपेक्षाकृत कम आवेदन दर्ज किए गए हैं। श्रावस्ती (110), चित्रकूट (159), हमीरपुर (175), बस्ती (297), कानपुर देहात (384), कन्नौज (404), महोबा (405), औरैया (462), संतकबीरनगर (476), बहराइच (505), बलरामपुर (582), देवरिया (619), प्रतापगढ़ (690) और गोंडा (739) में आवेदन संख्या कम रही।
पिछले वर्षों से तुलना
पहले चरण के आवेदन के आंकड़े लगातार वृद्धि का संकेत दे रहे हैं —
- 2024-25 : 1,82,093 आवेदन
- 2025-26 : 1,32,446 आवेदन
- 2026-27 : अब तक 2,22,939 आवेदन
वहीं पिछले चार वर्षों में आरटीई के तहत हुए प्रवेश भी लगातार बढ़े हैं—
- 2022-23 : 82,263
- 2023-24 : 96,439
- 2024-25 : 1,12,468
- 2025-26 : 1,41,235
जागरूकता का दिख रहा असर
समग्र शिक्षा के उप निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान का सीधा असर आवेदन संख्या पर नजर आ रहा है। उनका कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा।
आरटीई प्रवेश प्रक्रिया का यह बढ़ता आंकड़ा न सिर्फ शिक्षा के प्रति जागरूकता का संकेत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अभिभावक अब निजी विद्यालयों में अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए सरकारी योजनाओं का सक्रिय रूप से लाभ उठाना चाह रहे हैं।









