लखनऊ, 25 जनवरी 2026। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी आई। राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कॉलरशिप DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 18,78,726 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹944.55 करोड़ की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति राशि अंतरित की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पारदर्शी व्यवस्था और सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से अब योजनाओं का लाभ सीधे पात्र छात्रों तक पहुंच रहा है, जिससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हुई है। उन्होंने प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
स्कॉलरशिप DBT और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व सरकारों के समय छात्रवृत्ति योजनाएं कई स्तरों पर अटक जाती थीं, लेकिन अब स्कॉलरशिप DBT व्यवस्था से एक क्लिक में लाखों छात्रों के खातों में धनराशि पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि जब नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से बिना भेदभाव सभी वर्गों के छात्रों को समय पर सहायता मिल रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होती।
गणतंत्र दिवस से पहले छात्रों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री के “वंचित को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता” विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि लक्ष्य यह है कि कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
ई-गवर्नेंस को ईजी गवर्नेंस में बदलने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक ने योजनाओं के क्रियान्वयन को सरल और पारदर्शी बनाया है।
छात्रवृत्ति से बदली ज़िंदगियां
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उन छात्रों का उल्लेख किया, जिन्होंने छात्रवृत्ति का लाभ लेकर सफलता हासिल की। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में कंप्यूटर सहायक बनी एक छात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि बेटियों का स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकताओं में है।
शिक्षा ढांचे में सुधार की चर्चा
मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में हुए बदलावों, आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय और कम्पोजिट स्कूलों का जिक्र किया।
उन्होंने अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत नीट, जेईई और यूपीएससी की तैयारी की सुविधा, स्किल डेवलपमेंट, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और खेल अवसंरचना पर किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। छात्रों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही विकसित भारत की दिशा में सबसे बड़ा निवेश है।
इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर, समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी और एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।








