वाराणसी, 4 अप्रैल 2026। काशी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शनिवार को एक अलग ही दृश्य देखने को मिला—जहां सत्ता का शीर्ष चेहरा बच्चों के बीच बैठा था, उनके हाथों में किताबें थीं और सामने परोसा जा रहा था मिड-डे मील। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ करते हुए बच्चों से सीधी बात की—“खूब पढ़ना और रोज स्कूल आना।”
इस मौके पर माहौल औपचारिक कम और आत्मीय ज्यादा नजर आया। बच्चों की मुस्कान और मुख्यमंत्री का स्नेह, दोनों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
स्कूल चलो अभियान में बच्चों के साथ जमीन पर उतरे सीएम
‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से मिड-डे मील परोसा। यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी—उन्होंने बच्चों के साथ संवाद किया, उनका हालचाल पूछा और पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया।
जब सीएम ने बच्चों से कहा कि रोज स्कूल आना और मन लगाकर पढ़ाई करना, तो बच्चों ने भी मासूमियत से सिर हिलाकर हामी भरी। कुछ बच्चों ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया, तो कुछ ने मुस्कुराकर धन्यवाद जताया। उस पल में राजनीति नहीं, बल्कि एक शिक्षक जैसा स्नेह दिखाई दिया।
किताबें, बैग और उपहार: नए सत्र की शुरुआत खास बनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए शैक्षणिक सत्र के तहत बच्चों को स्कूल बैग, पाठ्य पुस्तकें, किट, चॉकलेट और उपहार वितरित किए। कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के कई बच्चों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।
इन बच्चों में विकास, अंशिका गुप्ता, श्रेया सोनकर, कजरी, दीपशिखा, रोली सोनकर, श्रेया यादव, कली केसरी, रूचि यादव और साक्षी गुप्ता जैसे छात्र-छात्राएं शामिल रहे। बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी—जैसे पढ़ाई अब एक जिम्मेदारी के साथ-साथ उत्सव भी बन गई हो।
निपुण विद्यालय और छात्रों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में जिले के पांच निपुण विद्यालयों को भी सम्मानित किया गया। इनमें प्राथमिक विद्यालय नयापुर (सेवापुरी), शगुनहा (बड़ागांव), फरीदपुर (चिरईगांव), कंपोजिट विद्यालय भतसार (अराजीलाइन) और महमूरगंज शामिल हैं।
इसके साथ ही पांच निपुण विद्यार्थियों—अभय कुमार पटेल, जाह्नवी, श्रेयांश, नैन्सी और सरस्वती—को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह पहल न केवल छात्रों को प्रोत्साहित करने वाली रही, बल्कि शिक्षकों के प्रयासों को भी सार्वजनिक मान्यता मिली।
शिक्षा में नवाचार की झलक और सांस्कृतिक शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान ‘शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियां’ पुस्तिका का विमोचन किया गया और अभियान से जुड़ी एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। शुरुआत में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि आर्य महिला इंटर कॉलेज, लहुराबीर की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर माहौल को सांस्कृतिक रंग दिया।
समापन: शिक्षा को उत्सव बनाने की कोशिश
‘स्कूल चलो अभियान’ के इस शुभारंभ ने यह संदेश दिया कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रेरणा, सहभागिता और संवेदनशील नेतृत्व का भी हिस्सा है। जब मुख्यमंत्री खुद बच्चों के बीच बैठकर उन्हें भोजन परोसते हैं, तो यह दृश्य एक नई सोच को जन्म देता है—जहां स्कूल जाना सिर्फ कर्तव्य नहीं, बल्कि खुशी और अवसर का प्रतीक बन जाता है।











