मुंबई, 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) — महाराष्ट्र की राजनीति आज कल की अपेक्षा कहीं अधिक भावनात्मक और संवेदनशील दौर से गुजर रही है। जब अजित पवार के अप्रत्याशित निधन की गहरी छाया अभी भी पार्टी और जनता के दिलों पर बनी है, उसी बीच एक नया राजनीतिक अध्याय उभरता दिख रहा है। सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम पद की दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई हैं — एक ऐसा कदम जो न केवल राजनीतिक चैन निर्वहन करेगा, बल्कि पवार परिवार की भावनात्मक यात्रा का भी संकेत देगा।
राज्य की सत्ताधारी महायुति में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के भीतर आज रात तक नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा अपने चरम पर है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम के प्रस्ताव को गंभीरता से स्वीकार कर लिया है, और 31 जनवरी को होने वाली विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुनने की तैयारी जोरों पर है।
सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम: क्या है अगला कदम?
पार्टी के अंदरूनी चक्रों के अनुसार:
- 🕚 31 जनवरी सुबह 11 बजे एनसीपी विधायक दल की बैठक पाटबंधारे कार्यालय, मुंबई में शुरू होगी।
- 📣 बैठक के बाद दोपहर तक नेता चयन का औपचारिक ऐलान हो सकता है।
- 🪔 और अगर सबकुछ योजना अनुसार हुआ, तो शनिवार शाम को सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ले सकती हैं।
राजनीतिक कामकाज में इतनी तेज़ी से फैसले आना असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार यह भावना, सम्मान और संवेदना की परतों से गहरा जुड़ा हुआ है — जो आम चुनावी गणित से कहीं ऊपर देखी जा रही है।
मुख्यमंत्री फडणवीस बोले: “एनसीपी का जो भी निर्णय, महायुति को मंजूर”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि डिप्टी सीएम के फैसले पर अंतिम निर्णय एनसीपी का ही होगा, और महायुति उसे पूर्ण रूप से स्वीकार करेगी। उन्होंने आगे कहा:
“इस संवेदनशील समय में न केवल सरकार, बल्कि पूरा प्रशासन दिवंगत अजित पवार के परिवार और एनसीपी के साथ मजबूती से खड़ा है।”
उनके इस बयान में राजनीतिक सहमति का संकेत साफ झलकता है — एक ऐसा संकेत जो इस निर्णय को चुनौती या विवाद से ऊपर उठाकर सम्मान और संतुलन की ओर ले जाता है।
नेता क्या कहते हैं: छगन भुजबल और अनिल देशमुख की राय
वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने बताया कि शोक अवधि, परंपराओं और समय सारिणी को लेकर पार्टी बड़ी संवेदनशीलता से काम कर रही है। उन्होंने कहा:
“परिवार की भावनाओं और परंपराओं को सम्मान देना हमारी प्राथमिकता है।”
वहीं एनसीपी-एसपी के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि अगर सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया जाता है, तो यह खुशी और सम्मान का क्षण होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार के विचारों को सर्वोपरि माना जाएगा।
वर्तमान स्थिति: सुनेत्रा पवार और आगे की राह
वर्तमान में सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं और महाराष्ट्र विधानमंडल में उनकी प्रत्यक्ष सदस्यता नहीं है। अजित पवार के निधन से खाली हुई बारामती विधानसभा सीट इस बात का संकेत देती है कि आगे की संवैधानिक प्रक्रिया भी तेज़ और निर्णायक तरीके से आगे बढ़ सकती है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जैसे ही विधायक दल निर्णय लेता है, संवैधानिक औपचारिकताएँ भी उसी क्रम में पूरी होंगी। अब महाराष्ट्र की निगाहें 31 जनवरी की बैठक और आने वाली 24-48 घंटों में तय होने वाली शपथ ग्रहण प्रक्रिया पर टिकी हैं।











