लखनऊ, सोमवार 09 फरवरी 2026। बजट सत्र की औपचारिक हलचल शुरू होने से पहले विधान भवन का माहौल कुछ अलग दिखा। फाइलों, नोट्स और रणनीतियों के बीच आज चर्चा स्वास्थ्य की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन परिसर में विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए लगाए गए विशेष स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन करते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया— “स्वस्थ दिनचर्या हर नागरिक का अधिकार है।”
यह स्वास्थ्य शिविर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की पहल पर लगाया गया है, जहाँ किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के चिकित्सक आधुनिक उपकरणों के साथ स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। रक्तचाप, शुगर, सामान्य स्वास्थ्य मानक और परामर्श—सब कुछ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि जनप्रतिनिधि व्यस्त सत्र के बीच भी अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा न करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट सत्र के दौरान लंबी बैठकों, बहसों और निर्णयों के बीच तनाव स्वाभाविक है, लेकिन “तनावमुक्त दिनचर्या” अपनाकर कई बीमारियों को दूर रखा जा सकता है। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि वे इस सुविधा का पूरा लाभ लें और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
उद्घाटन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एक दिलचस्प बात कही—“नेता विकास की बात करता है, डॉक्टर स्वास्थ्य की और विशेषज्ञ अपने विषय की; लेकिन जब ये तीनों बातें साथ आती हैं तो उसका सीधा लाभ आमजन को मिलता है।” यह संदेश केवल जनप्रतिनिधियों के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए था।
इस मौके पर प्रो. सोनिया नित्यानंद (कुलपति, KGMU) और आरके धीमन (निदेशक, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI)) भी उपस्थित रहे। चिकित्सा विशेषज्ञों की मौजूदगी ने शिविर को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “स्वस्थ दिनचर्या” को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं उदाहरण पेश करेंगे तो समाज पर उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
बजट सत्र के औपचारिक आरंभ से ठीक पहले लगाया गया यह स्वास्थ्य शिविर एक प्रतीकात्मक पहल भी माना जा रहा है—यह याद दिलाने के लिए कि नीति, विकास और शासन की नींव अंततः स्वस्थ शरीर और संतुलित मन पर ही टिकी होती है।











