लखनऊ | Sun, 08 Feb 2026 — उत्तर प्रदेश विधानमंडल का Budget Session 9 फरवरी (सोमवार) से शुरू होने जा रहा है। इससे ठीक पहले रविवार को विधान भवन में हुई सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारु रखने और जनता के मुद्दों पर सार्थक, स्वस्थ चर्चा करने की अपील की। उनका जोर इस बात पर रहा कि विकास की रफ्तार बहस से निकलती है, व्यवधान से नहीं।
बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने की। उन्होंने भी सभी दलों के सदस्यों से सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।
विधान भवन में सर्वदलीय बैठक का संदेश
बैठक उत्तर प्रदेश विधान भवन में आयोजित हुई, जहां सत्र संचालन की रूपरेखा, चर्चा की प्राथमिकताएं और समय प्रबंधन जैसे बिंदुओं पर विचार हुआ। परंपरा के अनुसार, सत्र से पहले ऐसी बैठकें इसलिए होती हैं ताकि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संवाद कायम रहे और कार्यवाही बाधारहित चल सके।
“स्वस्थ चर्चा से ही विकास का रास्ता”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते सदन में जनता के हितों से जुड़े हर विषय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनके शब्दों में, “स्वस्थ चर्चा से प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान संभव है।” उन्होंने सदस्यों से यह भी अपेक्षा जताई कि सदन के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।
अध्यक्ष का सहयोग का आग्रह
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी सदस्यों से अपील की कि वे नियमों और परंपराओं का सम्मान करते हुए सत्र को परिणामकारी बनाएं। उनका संकेत स्पष्ट था—बहस तीखी हो सकती है, लेकिन प्रक्रिया संयमित रहे।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, कांग्रेस की आराधना मिश्रा मोना, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, लोकदल के राजपाल बालियान और अपना दल के रामनिवास वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
9 फरवरी को राज्यपाल का संबोधन
सत्र की औपचारिक शुरुआत 9 फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संयुक्त संबोधन से होगी, जिसमें सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं की रूपरेखा सामने आएगी।
समन्वय से ही चलेगा Budget Session
रविवार की बैठक का केंद्रीय संदेश यही रहा कि Budget Session बहस का मंच बने, टकराव का नहीं। जनता के मुद्दों पर समयबद्ध, केंद्रित और तथ्याधारित चर्चा—इसी से सत्र की उपयोगिता तय होगी।








