लखनऊ, 23 जनवरी 2026। प्रदेश अपनी स्थापना के गौरव को हर वर्ष उत्सव में बदलता है, लेकिन यूपी दिवस 2026 इस बार एक व्यापक जनभागीदारी वाले महाउत्सव के रूप में सामने आ रहा है। 24 से 26 जनवरी तक चलने वाला यह तीन दिवसीय आयोजन ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम के साथ प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता, स्वाद, शिल्प और सामाजिक ऊर्जा को एक मंच पर समेटेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट मंशा है कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक सरकारी आयोजन न रहकर, सचमुच का जनोत्सव बने।
मुख्य समारोह लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्रांगण में आयोजित होगा, जहां केंद्र सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में यूपी दिवस 2026 का उद्घाटन करेंगे। समारोह का दूरदर्शन के माध्यम से प्रदेशभर में लाइव प्रसारण होगा, ताकि हर जनपद इस उत्सव से जुड़ सके।
ओडीओसी बनेगा आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष का सबसे चर्चित आयाम है मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ODoC) योजना की औपचारिक लॉन्चिंग। प्रदेश के हर जिले के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजन एक ही परिसर में उपलब्ध होंगे। यह पहल उत्तर प्रदेश के स्वाद को उसकी पहचान से जोड़ने का प्रयास है—जहां खानपान संस्कृति का दर्पण बनेगा।
इसी के साथ ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) के शिल्पकारों के उत्पादों की प्रदर्शनी और विक्रय होगा। GI टैग प्राप्त उत्पादों को ट्रेड शो की तर्ज पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले।
‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ और योजनाओं का शुभारंभ
यूपी दिवस 2026 के मंच से शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण और अंतरिक्ष विज्ञान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच विभूतियों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26 प्रदान किया जाएगा।
साथ ही:
- ओडीओसी योजना की औपचारिक लॉन्चिंग
- सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन योजना का शुभारंभ
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट जनपदों का सम्मान
प्रदर्शनियां, शिल्प मेले और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर आधारित प्रदर्शनियों में इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति को दर्शाया जाएगा। लोक, शास्त्रीय और समकालीन कला रूपों की प्रस्तुतियां पूरे आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा देंगी।
मिशन शक्ति, नवाचार, और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष प्रदर्शनियां भी लगेंगी। कलाकारों, खिलाड़ियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं, उद्यमियों और विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मयोगियों को सम्मानित किया जाएगा।
जनपदों से लेकर विश्व मंच तक
इस बार यूपी दिवस 2026 की गूंज प्रदेश और देश की सीमाओं से बाहर भी सुनाई देगी।
देश के विभिन्न राज्यों के लोकभवनों के साथ-साथ फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावासों में भी यूपी दिवस मनाया जाएगा। एमएसएमई और पर्यटन विभाग द्वारा स्मृति-चिह्न उपलब्ध कराए गए हैं। जनप्रतिनिधि इन स्थानों पर प्रदेश की संस्कृति और विकास यात्रा का परिचय देंगे।
गरिमा, अनुशासन और भव्यता की तैयारियां
पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के सहयोग से आयोजन की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, राज्यसभा सदस्य बृज लाल व संजय सेठ, लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
जनभागीदारी का उत्सव
मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि यूपी दिवस 2026 हर नागरिक की सहभागिता का मंच बने। जनपद स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनके विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन प्रदेशवासियों के लिए गर्व, पहचान और प्रेरणा का अवसर बनेगा।
निष्कर्ष
यूपी दिवस 2026 केवल स्थापना दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सामूहिक ऊर्जा, सांस्कृतिक आत्मा और विकास संकल्प का सार्वजनिक प्रदर्शन है। ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम इस जनोत्सव को एक बड़े राष्ट्रीय विजन से जोड़ती है—जहां परंपरा, प्रगति और सहभागिता साथ-साथ चलते दिखाई देंगे।








