लखनऊ, 29 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सरल और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक साथ कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में परिवहन विभाग से जुड़े तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम निर्णय है — UP EV टैक्स छूट 2027 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में शत-प्रतिशत छूट को अक्टूबर 2027 तक जारी रखना।
इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण से जुड़ी कई सेवाओं को पूरी तरह फेसलेस (ऑनलाइन) करने तथा प्रदेश में तीन नए परिवहन परिक्षेत्र बनाने का रास्ता भी साफ हो गया है।
UP EV टैक्स छूट 2027: ईवी खरीद पर बड़ी बचत
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यूपी इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति, 2022 (संशोधित 2025) के तहत ईवी पर मिलने वाली छूट को आगे बढ़ाया है।
अब ई-बाइक, ई-कार, ई-बस जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों पर:
- पंजीकरण शुल्क में 100% छूट
- रोड टैक्स में 100% छूट
अक्टूबर 2027 तक लागू रहेगी। पहले यह छूट 14 अक्टूबर 2025 तक थी, जिसे नवंबर 2025 में दो वर्षों के लिए बढ़ाया गया था। अब कैबिनेट की औपचारिक स्वीकृति मिल गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस छूट से एक वाहन खरीद पर उपभोक्ता को लगभग ₹1 लाख तक की बचत संभव है।
साथ ही, उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 (संशोधित 2025) के तहत कर प्रणाली को सरल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
कर व्यवस्था में बदलाव: एकमुश्त कर प्रणाली लागू होगी
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि:
- दोपहिया, तिपहिया
- मोटर कैब, मैक्सी कैब
- 7500 किलोग्राम तक के हल्के माल वाहन
- निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले वाहन
इन पर नई एकमुश्त कर प्रणाली लागू की जाएगी। इसके लिए नई कर दरें निर्धारित होंगी, जिससे कर भुगतान की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी।
फेसलेस परिवहन सेवाएं: दफ्तर के चक्कर खत्म
परिवहन विभाग की चार प्रमुख सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस किया जा रहा है। इसके लिए उप्र मोटरयान (32वां संशोधन) नियमावली, 2026 लागू की जाएगी।
अब ये सेवाएं घर बैठे उपलब्ध होंगी:
- ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि संशोधन
- पहाड़ी क्षेत्र में वाहन चलाने की अनुमति
- वाहन पंजीकरण संख्या का प्रतिधारण (Retention)
- गैर-उपयोग सूचना परमिट
इस कदम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों का समय और धन भी बचेगा।
गोरखपुर, झांसी और अयोध्या में नए परिवहन परिक्षेत्र
प्रदेश की जमीनी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए:
- गोरखपुर
- बुंदेलखंड (झांसी)
- अयोध्या
में तीन नए परिवहन परिक्षेत्र बनाए जाएंगे। इसके साथ प्रदेश में परिक्षेत्रों की संख्या 6 से बढ़कर 9 हो जाएगी।
हर नए परिक्षेत्र में:
- एक उप परिवहन आयुक्त
- एक प्रधान सहायक
- एक आशुलिपिक
की नियुक्ति होगी। इससे निगरानी, प्रवर्तन और अपील मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी। सरकार पर इससे ₹5.15 करोड़ का वार्षिक अतिरिक्त भार आएगा।
49 पदों को कानूनी मान्यता, प्रशासनिक अड़चनें खत्म
अब तक शासनादेशों से सृजित:
- 10 संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO)
- 36 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी
- 3 उप परिवहन आयुक्त
के पदों को नियमावली में शामिल कर विधिक दर्जा दे दिया गया है। इससे विभागीय कार्यों में आ रही तकनीकी बाधाएं समाप्त होंगी।
351 सहायक मोटर यान निरीक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ
दिसंबर 2024 में सृजित 351 सहायक मोटर यान निरीक्षक (AMVI) पदों को अब नियमावली में शामिल कर लिया गया है। उप्र परिवहन (अधीनस्थ) प्राविधिक सेवा (छठा संशोधन) नियमावली, 2026 लागू होने के बाद इन पदों पर भर्ती शुरू हो सकेगी।
इन पदों पर वेतन-भत्तों के रूप में सरकार पर ₹25.26 करोड़ का वार्षिक व्यय आएगा।
इस भर्ती से:
- गांव और तहसील स्तर पर वाहन जांच
- सड़क सुरक्षा प्रवर्तन
- यातायात नियमों का पालन
- दुर्घटना नियंत्रण
जैसे कार्य अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेंगे।
जनता को सीधा लाभ, सड़क सुरक्षा पर जोर
परिवहन मंत्री के अनुसार, इन फैसलों से:
- सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण
- राजस्व वसूली में सुधार
- अपील मामलों का स्थानीय निस्तारण
- अधिकारियों पर काम का कम दबाव
जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
इन निर्णयों से साफ है कि सरकार का फोकस केवल कर छूट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि UP EV टैक्स छूट 2027 के साथ परिवहन तंत्र को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक जवाबदेह बनाने की व्यापक तैयारी है। यह बदलाव आने वाले समय में प्रदेश की परिवहन व्यवस्था की तस्वीर बदल सकता है।











