लखनऊ/23 अक्टूबर 2026: सर्दियों में कोहरे के दौरान सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार कम की जाएगी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए गति सीमा निर्धारित की गई है। संबंधित एजेंसियों को 31 अक्टूबर तक जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।
यूपी एक्सप्रेसवे स्पीड लिमिट: दो चरणों में लागू होगी नई व्यवस्था
यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, सर्दियों में कोहरे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए वाहनों की गति सीमा दो चरणों में कम की जाएगी। पहला चरण 1 नवंबर से 15 नवंबर तक रहेगा, जबकि 15 नवंबर से गति सीमा में और कटौती की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कम दृश्यता के दौरान तेज रफ्तार से होने वाले हादसों को रोकना और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हल्के वाहनों के लिए दिन और रात की अलग-अलग गति सीमा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 1 नवंबर से 15 नवंबर तक हल्के वाहनों को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक अधिकतम 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की अनुमति होगी। रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक यह सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।
15 नवंबर से हल्के वाहनों की अधिकतम गति सीमा दिन में 80 किलोमीटर प्रति घंटा और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी जाएगी।
सर्दियों में सुबह और देर रात के समय कोहरा अधिक घना होने की आशंका रहती है। ऐसे में गति सीमा का पालन करना वाहन चालकों के लिए बेहद जरूरी होगा।
यात्री और मालवाहक वाहनों के लिए भी बदलेगी स्पीड लिमिट
यूपीडा ने मध्यम एवं भारी यात्री वाहनों और मालवाहक वाहनों के लिए भी अलग-अलग गति सीमा निर्धारित की है।
| वाहन श्रेणी | 1 से 15 नवंबर तक दिन में | 1 से 15 नवंबर तक रात में | 15 नवंबर से दिन में | 15 नवंबर से रात में |
|---|---|---|---|---|
| हल्के वाहन | 100 किमी/घंटा | 80 किमी/घंटा | 80 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा |
| मध्यम एवं भारी यात्री वाहन | 80 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा | 50 किमी/घंटा |
| मालवाहक वाहन | 60 किमी/घंटा | 50 किमी/घंटा | 50 किमी/घंटा | 40 किमी/घंटा |
नोट: यह तालिका उपलब्ध समाचार में दिए गए गति सीमा संबंधी विवरण पर आधारित है। प्रकाशन से पहले यूपीडा के आधिकारिक आदेश से इसकी पुष्टि कर लें।
50 मीटर से कम दृश्यता होने पर क्या होगा?
कोहरे के कारण यदि दृश्यता 50 मीटर से कम रह जाती है, तो सुरक्षा दल पुलिस के समन्वय से वाहन चालकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में मदद करेंगे। इसके लिए नजदीकी टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप, रेस्तरां या अन्य सुरक्षित स्थानों की ओर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर वाहनों को समूह में आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि कम दृश्यता में दुर्घटना की आशंका घटाई जा सके। अत्यधिक कोहरा होने पर वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था भी की जाएगी।
एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे सक्रिय रहेंगी एंबुलेंस और गश्ती टीमें
यूपीडा ने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने पर भी जोर दिया है। निर्देशों के अनुसार, एंबुलेंस और गश्ती दल 24 घंटे तैनात रहेंगे, ताकि किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
इसके अलावा टोल प्लाजा पर उद्घोषणा, रेडियो के जरिए जागरूकता संदेश और एक्सप्रेसवे के प्रवेश एवं निकास बिंदुओं पर सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रसारित की जाएगी। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को कोहरे के दौरान सावधानी बरतने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने के लिए जागरूक करना है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: यूपीडा
यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए गति सीमा का पालन सुनिश्चित करने, आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने और सड़क सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सर्दियों में घना कोहरा एक्सप्रेसवे पर सफर को जोखिम भरा बना सकता है। ऐसे में नई गति सीमा और सुरक्षा उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन महत्वपूर्ण होगा। वाहन चालकों को भी निर्धारित रफ्तार में वाहन चलाने, आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखने और दृश्यता कम होने पर अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचने की जरूरत होगी।









