लखनऊ/19 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में दीपावली, छठ और अन्य आगामी त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि त्योहारों के दौरान गांवों से लेकर शहरों तक बिजली व्यवस्था बाधित न हो और लोगों को रोशनी के लिए परेशान न होना पड़े। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली लाइनों के रखरखाव, ट्रिपिंग रोकने और उपलब्ध बिजली की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
विभागीय स्तर पर पांचों डिस्कॉम क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार जरूरी रखरखाव कार्य समय पर पूरा करने और आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर ध्यान देने को कहा गया है।
यूपी में त्योहारों पर बिजली आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी
योगी सरकार का प्रयास है कि त्योहारों के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारु बनी रहे। यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार के अनुसार, गांवों, नगरों, नगर निगमों और नगर पालिका क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभागीय टीमें सक्रिय हैं।
इस दौरान बिजली की लाइनों और अन्य उपकरणों की जांच के साथ जरूरी मरम्मत का काम भी किया जा रहा है। बिजली के तारों के संपर्क में आने वाली पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कराई जा रही है, ताकि तेज हवा या शाखाओं के तारों से टकराने के कारण होने वाली ट्रिपिंग की आशंका कम हो सके।
त्योहारों में बिजली की खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, निर्बाध बिजली आपूर्ति की तैयारी का अर्थ यह नहीं है कि किसी भी परिस्थिति में कटौती या तकनीकी खराबी नहीं होगी।
22,540 मेगावाट बिजली की मांग के मुकाबले आपूर्ति
प्रदेश में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यूपीपीसीएल लगातार निगरानी कर रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में बिजली की मांग इन स्तरों पर रही:
- 18 अक्टूबर: 22,540 मेगावाट
- 17 अक्टूबर: 23,738 मेगावाट
- 16 अक्टूबर: 23,372 मेगावाट
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इन तारीखों पर प्रदेश की बिजली मांग के अनुरूप आपूर्ति की गई। त्योहारों के दौरान भी मांग में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखते हुए बिजली व्यवस्था को तैयार रखना जरूरी होगा।
विभागीय जानकारी में यह भी दावा किया गया है कि मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति के मामले में उत्तर प्रदेश तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से आगे रहा है। इस तुलनात्मक दावे की पुष्टि के लिए संबंधित राज्यों के समान अवधि के आधिकारिक आंकड़ों का मिलान आवश्यक है।
पांचों डिस्कॉम क्षेत्रों में बिजली लाइनों का रखरखाव
त्योहारों से पहले बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए प्रदेश के विभिन्न वितरण क्षेत्रों में रखरखाव कार्य जारी है।
- पूर्वांचल: विभिन्न जिलों में बिजली लाइनों और उपकरणों की देखरेख की जा रही है।
- मध्यांचल: विद्युत बुनियादी ढांचे की मरम्मत और रखरखाव पर जोर है।
- पश्चिमांचल: आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और लाइनों की जांच की जा रही है।
- दक्षिणांचल: ट्रिपिंग की आशंका कम करने के लिए आवश्यक रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं।
विभागीय टीमें स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था की स्थिति पर नजर रख रही हैं। लाइनों के आसपास पेड़ों की शाखाओं की छंटाई और जरूरी तकनीकी कार्यों से त्योहारों के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
गांव और शहर में बिजली आपूर्ति पर रहेगा जोर
त्योहारों के दौरान घरों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में बिजली की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में बिजली वितरण व्यवस्था को सुचारु रखना विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है।
योगी सरकार की तैयारियों के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की निगरानी, उपकरणों का रखरखाव और तकनीकी खराबियों को जल्द दूर करने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को त्योहारों के दौरान कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में दीपावली और छठ समेत आगामी त्योहारों को देखते हुए बिजली विभाग ने आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने और ट्रिपिंग रोकने की तैयारियां तेज की हैं। हालांकि, पूरे प्रदेश में हर समय बिजली कटौती नहीं होने की गारंटी के बजाय इसे सरकार और विभाग का आपूर्ति सुचारु रखने का प्रयास समझना चाहिए। वास्तविक स्थिति संबंधित क्षेत्रों की मांग, तकनीकी परिस्थितियों और विभागीय व्यवस्था पर निर्भर करेगी।









