लखनऊ, 9 अक्टूबर 2026। सेना में सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों के लिए उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से संबंधित नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
सरकार के फैसले के मुताबिक, पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट भी मिलेगी। इसके अलावा, संबंधित भर्तियों में उन्हें लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देने तथा केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन रियायतों का वास्तविक दायरा संबंधित विभागों की संशोधित नियमावली और आधिकारिक भर्ती अधिसूचनाओं से स्पष्ट होगा।
पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण: चार विभागों में मिलेगा लाभ
योगी सरकार के कैबिनेट निर्णय के अनुसार, उत्तर प्रदेश के चार विभागों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है। इनमें शामिल हैं:
- पुलिस विभाग: संबंधित पदों पर भर्ती के अवसर।
- वन विभाग: निर्धारित भर्ती नियमों के तहत नियुक्ति में अवसर।
- कारागार विभाग: पात्र पदों पर भर्ती में आरक्षण।
- परिवहन विभाग: संबंधित पदों पर सरकारी नौकरी के अवसर।
बताया गया है कि अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे सेना में सेवा पूरी करने के बाद प्रदेश की सरकारी सेवाओं में आने के इच्छुक युवाओं को अवसर मिल सकता है।
अधिकतम आयु सीमा 25 से बढ़ाकर 28 वर्ष
भर्ती नियमों में संशोधन के तहत पूर्व अग्निवीरों की अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष किए जाने की जानकारी दी गई है। यानी पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए तीन वर्ष की अतिरिक्त आयु छूट मिलेगी।
यह राहत उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जो अग्निवीर के रूप में निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी करना चाहते हैं। सैन्य सेवा के दौरान बीता समय और उसके बाद भर्ती की तैयारी के लिए उपलब्ध अवधि को देखते हुए आयु सीमा में छूट उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
हालांकि, आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को संबंधित पद की न्यूनतम और अधिकतम आयु, कटऑफ तिथि तथा अन्य पात्रता शर्तों की आधिकारिक अधिसूचना से पुष्टि करनी चाहिए।
लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट, मेडिकल परीक्षण जरूरी
कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के विवरण के अनुसार, पात्र पूर्व अग्निवीरों को संबंधित भर्तियों में लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देने का प्रावधान किया गया है। उन्हें केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सैन्य सेवा के दौरान प्रशिक्षण और अनुशासन का अनुभव प्राप्त कर चुके युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया को सुगम बनाना बताया गया है। फिर भी, परीक्षा से छूट किन-किन पदों पर लागू होगी और इसके लिए कौन-से प्रमाणपत्र आवश्यक होंगे, यह संबंधित विभागों के विस्तृत नियमों से स्पष्ट होना जरूरी है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दी फैसले की जानकारी
कैबिनेट बैठक के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने पूर्व अग्निवीरों की भर्ती नियमावली में संशोधन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निवीर योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में बदलाव किया है।
इस निर्णय के जरिए सरकार का प्रयास सेना में सेवा पूरी कर चुके युवाओं के लिए रोजगार के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागों की अधिसूचनाओं, रिक्त पदों और संशोधित नियमों पर निर्भर करेगी।
सैन्य सेवा के बाद रोजगार के अवसरों पर जोर
अग्निवीर योजना के तहत सेना में सेवा करने वाले युवाओं के लिए सेवा अवधि पूरी होने के बाद रोजगार एक अहम विषय है। ऐसे में राज्य सरकारों की ओर से सरकारी भर्तियों में आरक्षण और आयु सीमा में छूट जैसे प्रावधान उनके भविष्य की योजना बनाने में मदद कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से पात्र पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में अवसर मिलने की संभावना है। अब उनकी नजर संबंधित विभागों की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर रहेगी, जिनमें आरक्षण लागू करने की शर्तें, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण सामने आएगा।










