लखनऊ, 17 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को औद्योगिक निवेश का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए UP Land Bank को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। सरकार का मानना है कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त औद्योगिक भूमि की उपलब्धता और पारदर्शी प्रक्रिया सबसे अहम आधार है।
इसी उद्देश्य से मुख्य सचिव एसपी गोयल ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद द्वारा अर्जित, विकसित और आवंटित भूमि की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देने के लिए जमीन की उपलब्धता और तेज आवंटन प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया।
समयबद्ध भूमि अधिग्रहण और आवंटन पर जोर
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्योगों और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए भूमि अधिग्रहण, विकास और आवंटन की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाए।
उन्होंने कहा कि केवल भूमि उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जलापूर्ति और लॉजिस्टिक्स जैसी बुनियादी सुविधाएं भी समान रूप से जरूरी हैं। निवेशक तभी आकर्षित होंगे जब उन्हें तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आसान व्यवस्था उपलब्ध हो।
78 हजार एकड़ भूमि आवंटन का लक्ष्य
सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 78 हजार एकड़ भूमि आवंटन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अगले वित्तीय वर्ष तक भी औद्योगिक मांग के अनुरूप पर्याप्त भूमि का आंकड़ा बनाए रखा जाए, ताकि भविष्य में निवेश प्रस्तावों को लेकर किसी तरह की कमी न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में भूमि तैयार करने की योजना राज्य को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
कई औद्योगिक प्राधिकरणों को मिली जिम्मेदारी
समीक्षा बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अलावा उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA), न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (NOIDA), बुन्देलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।
सभी एजेंसियों से कहा गया है कि वे लैंड बैंक की वर्तमान स्थिति, भविष्य की जरूरतों और संभावित औद्योगिक मांग का आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें।
औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की रणनीति
बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद और इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार की रणनीति साफ है — बड़े स्तर पर भूमि उपलब्ध कराना, निवेश प्रक्रिया को आसान बनाना और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत आधार देना। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्यों अहम है लैंड बैंक की तैयारी?
औद्योगिक विशेषज्ञों के अनुसार, आज के समय में निवेशक ऐसी जगह निवेश करना पसंद करते हैं जहां परियोजना शुरू करने में ज्यादा समय न लगे। अगर पहले से विकसित भूमि और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों तो निवेश निर्णय तेजी से होते हैं।
उत्तर प्रदेश में लैंड बैंक का विस्तार इसी सोच पर आधारित है, जिससे राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सके।










