लखनऊ (Wed, 11 Mar 2026)। यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री का नया नियम जल्द लागू होने जा रहा है, जिसके तहत अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो जाएगी। राज्य में एक अप्रैल से नई व्यवस्था लागू होगी, जिसमें संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन स्लॉट मिलने के बाद सिर्फ एक घंटे के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
यदि निर्धारित समय के भीतर रजिस्ट्री नहीं कराई गई तो स्लॉट स्वतः निरस्त हो जाएगा। ऐसे में आवेदक को फिर से नया स्लॉट लेना पड़ेगा। अगर उसी दिन स्लॉट उपलब्ध रहा तो उसी दिन मौका मिल सकता है, अन्यथा अगले दिन के लिए आवेदन करना होगा।
यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री का नया नियम: एक घंटे का ही मिलेगा स्लॉट
निबंधन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर इस नई व्यवस्था से जुड़ी सूचना जारी कर दी गई है। अभी तक रजिस्ट्री के लिए पूरे दिन का स्लॉट मिलता था, लेकिन नई प्रणाली में हर आवेदक को एक घंटे का निर्धारित समय दिया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्री का समय सुबह 10 बजे से शुरू हो जाता है, लेकिन व्यवहार में अक्सर अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक क्रेता-विक्रेता को दोपहर 12 बजे के बाद कार्यालय लेकर आते हैं। इसके कारण दोपहर में अचानक भीड़ बढ़ जाती है और दस्तावेजों की ठीक से जांच कर पाना मुश्किल हो जाता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़ कम होगी और अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनने की उम्मीद है।
सर्वर और तकनीकी व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं में चर्चा
नई व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के बीच चर्चा भी शुरू हो गई है। उनका कहना है कि कई बार रजिस्ट्री विभाग का सर्वर धीमा हो जाता है या अस्थायी रूप से ठप हो जाता है। ऐसी स्थिति में यदि किसी का स्लॉट एक घंटे का है और उसी दौरान तकनीकी समस्या आ गई, तो रजिस्ट्री अटक सकती है।
हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों को पहले ही जानकारी दी जा रही है। उनसे कहा गया है कि वे क्रेता-विक्रेता को इस नए नियम के बारे में पहले से जागरूक करें, ताकि समय पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो सके।
एआईजी स्टांप संजय दुबे के अनुसार, एक अप्रैल से यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी और इसके लिए विभाग ने तैयारी भी शुरू कर दी है।
रजिस्टर्ड एग्रीमेंट की जगह सीधे रजिस्ट्री की तैयारी
इस बीच निबंधन विभाग रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में कुछ बदलावों की भी तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित मसौदे के अनुसार कुछ विशेष प्रकार की संपत्तियों के दस्तावेजों के पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
नई व्यवस्था में रजिस्ट्री से पहले संपत्ति की सही पहचान और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की अनिवार्य जांच होगी। इसके तहत रजिस्ट्री के साथ स्वामित्व, अधिकार और कब्जे से जुड़े आवश्यक दस्तावेज लगाना जरूरी होगा। यदि ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे, तो पंजीकरण अधिकारी को रजिस्ट्री से इनकार करने का अधिकार होगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में मसौदा तैयार किया जा रहा है और जल्द ही इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इससे संपत्ति से जुड़े विवादों और फर्जीवाड़े पर भी काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है।








