लखनऊ/शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सरकार की ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना चर्चा में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महिला सशक्तीकरण और खेलों में आए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर सम्मान देने के साथ सरकारी नौकरी पाने के अवसर भी मिल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि और सीधी भर्ती जैसी व्यवस्थाएं खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में मां कात्यायनी को नारी शक्ति, अदम्य साहस और अटूट संकल्प का प्रतीक बताया। नवरात्रि के इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में आस्था, विकास और विरासत के साथ हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पदक लाओ, पद पाओ योजना से खिलाड़ियों को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘पदक लाओ, पद पाओ’ व्यवस्था के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती का अवसर दिया जा रहा है। इसके साथ ही ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों को पहचान देना तथा उन्हें खेलों में अपना करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। खेल प्रतिभाओं के लिए सम्मान, रोजगार और भविष्य की सुरक्षा जैसे पहलू महत्वपूर्ण हैं। ऐसे अवसर मिलने से युवा खिलाड़ियों को अपनी तैयारी जारी रखने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिल सकती है।
2017 से पहले के हालात का जिक्र कर पिछली सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। उनके मुताबिक, बेटियों के सामने आगे बढ़ने की चुनौतियां थीं और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पर्याप्त संसाधन तथा अवसर नहीं मिल पाते थे।
उन्होंने खेल सुविधाओं की कमी और खेल के मैदानों पर अव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि अब परिस्थितियों में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बीते साढ़े नौ वर्षों में सुरक्षा, प्रोत्साहन और खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है।
गांव के खेल मैदानों से मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक बढ़ा आधार
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार को भी बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके अनुसार, गांवों में खेल मैदानों और ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियमों से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम तथा मंडल स्तर के स्पोर्ट्स कॉलेज तक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए प्रदेश में मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है। ऐसी सुविधाओं से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता निखारने का अवसर मिल सकता है। खासकर महिला खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण, संसाधनों और सुरक्षित खेल वातावरण की उपलब्धता उनकी आगे की यात्रा में महत्वपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूपी की महिला खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान
उत्तर प्रदेश की कई महिला खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, क्रिकेट, हॉकी, जूडो और कुश्ती जैसे खेलों में अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने ऐसी खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ा है।
इन खिलाड़ियों में एथलेटिक्स की पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो की अस्मिता डे, क्रिकेट की दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी की वंदना कटारिया तथा कुश्ती की दिव्या काकरान शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से खेल जगत में पहचान बनाई है।
महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियां यह भी दिखाती हैं कि उचित प्रशिक्षण, अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर प्रदेश की बेटियां खेलों में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।
खेलों में बदलाव के साथ अवसरों को मजबूत बनाने की चुनौती
उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के अवसर देना खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हालांकि, इस बदलाव का व्यापक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब गांवों और छोटे शहरों के खिलाड़ियों तक प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, योग्य कोच और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर नियमित रूप से पहुंचें।
‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना के जरिए खिलाड़ियों को उपलब्धियों के साथ रोजगार की संभावना जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अब इसके प्रभाव को इस बात से भी आंका जाएगा कि कितनी नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है और प्रदेश की खेल सुविधाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश इसी दिशा में प्रदेश में खेल, महिला सशक्तीकरण और प्रतिभाओं को सम्मान देने की सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखता है।









