लखनऊ/23 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को हुए चुनाव में शाम चार बजे तक 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान के दौरान स्नातक मतदाताओं की तुलना में शिक्षक मतदाताओं में अधिक उत्साह देखने को मिला। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक 79.01 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि लखनऊ खंड स्नातक सीट पर सबसे कम 38.02 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के बीच कुछ स्थानों पर झड़पों और आरोप-प्रत्यारोप की खबरें भी सामने आईं। दोनों दलों ने चुनाव संबंधी शिकायतें दर्ज कराईं। इस चुनाव में कुल 152 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है। मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है।
यूपी एमएलसी चुनाव 2026: सुबह धीमी शुरुआत, दोपहर बाद बढ़ा मतदान
विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान शुक्रवार सुबह आठ बजे शुरू हुआ। शुरुआती घंटों में मतदाताओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही। पहले दो घंटे में करीब 8.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
इसके बाद मतदान की रफ्तार बढ़ी। दोपहर 12 बजे तक लगभग 24 प्रतिशत मतदाता वोट डाल चुके थे, जबकि दोपहर दो बजे तक मतदान का आंकड़ा 40.87 प्रतिशत पहुंच गया। शाम चार बजे तक कुल मतदान 55.24 प्रतिशत दर्ज किया गया।
इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों में करीब 14.81 लाख मतदाता पंजीकृत थे। मतदान के लिए 2,697 मतदेय स्थल बनाए गए थे।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं ने दिखाया ज्यादा उत्साह
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत स्नातक सीटों की तुलना में अधिक रहा। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सबसे आगे रहा। अन्य शिक्षक सीटों पर भी अच्छी भागीदारी दर्ज की गई।
| शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | मतदान प्रतिशत |
|---|---|
| गोरखपुर-फैजाबाद | 79.01% |
| बरेली-मुरादाबाद | 73.69% |
| वाराणसी | 68.21% |
| आगरा | 63.84% |
| मेरठ | 60.80% |
| लखनऊ | 50.92% |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अधिकांश सीटों पर मतदान 60 प्रतिशत से अधिक रहा। लखनऊ शिक्षक सीट पर मतदान अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन वहां भी आधे से अधिक मतदाताओं ने वोट डाला।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत कम
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की स्थिति शिक्षक सीटों से अलग रही। आगरा में सबसे अधिक 51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख सीटों पर मतदान 42 प्रतिशत से नीचे रहा।
| स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | मतदान प्रतिशत |
|---|---|
| आगरा | 51.00% |
| इलाहाबाद-झांसी | 41.40% |
| वाराणसी | 41.01% |
| मेरठ | 39.81% |
| लखनऊ | 38.02% |
लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 38.02 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके मुकाबले आगरा में मतदाताओं की भागीदारी बेहतर रही। स्नातक सीटों पर कम मतदान के कारणों का आधिकारिक आकलन उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसके पीछे किसी विशेष वजह को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
भाजपा और सपा ने लगाए आरोप, चुनाव आयोग से की शिकायतें
मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर भाजपा और सपा के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की खबरें सामने आईं। सपा ने चुनाव आयोग से बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान समेत 100 से अधिक शिकायतें किए जाने का दावा किया। वहीं, भाजपा की ओर से भी फर्जी मतदान और मतदाता सूची से नाम कटने जैसी शिकायतें दर्ज कराए जाने की बात कही गई।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन घटनाओं के बावजूद किसी भी स्थान पर मतदान प्रक्रिया प्रभावित होने की सूचना नहीं थी। शिकायतों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित अधिकारियों और चुनाव आयोग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
27 अक्टूबर को होगी मतगणना, 152 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला
विधान परिषद की इन 11 सीटों पर कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। शुक्रवार को मतदान पूरा होने के बाद सभी प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है।
अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। परिणाम आने के बाद स्पष्ट होगा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में किस प्रत्याशी को मतदाताओं का समर्थन मिला।
इन चुनावों में मतदान प्रतिशत के आंकड़े खास तौर पर महत्वपूर्ण रहे, क्योंकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक भागीदारी देखने को मिली, जबकि स्नातक सीटों पर कई क्षेत्रों में मतदान 42 प्रतिशत से भी कम रहा।









