लखनऊ/04 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश में किसानों को आर्थिक मजबूती देने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट 2026-27 में कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 232.38 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है।
इस बजट में नई योजनाओं को भी जगह दी गई है। इनमें सबसे प्रमुख यूपी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना 2026 है, जिसके लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना, कृषि लागत को कम करना और उत्पादन के बाद उपज के बेहतर प्रबंधन की व्यवस्था तैयार करना है।
यूपी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना 2026 में कृषि निवेश के लिए मिलेगा अनुदान
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को कृषि निवेश से जुड़ी जरूरतों के लिए सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। योजना के माध्यम से किसानों को खेती में उपयोग होने वाले संसाधनों के लिए आर्थिक सहयोग देने का प्रावधान किया गया है।
कृषि विभाग इन योजनाओं के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा। सरकार का मानना है कि किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलने से खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही किसानों को वर्मी कंपोस्ट, कंपोस्ट और जैव उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए भी बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे प्राकृतिक खेती और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।
एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन से तैयार होंगे भंडारण और ग्रेडिंग केंद्र
योगी सरकार की ओर से घोषित सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना का उद्देश्य कृषि उपज के बेहतर प्रबंधन के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करना है।
इस योजना के तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी से कृषि उत्पादों की सॉर्टिंग और ग्रेडिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा किसानों की उपज सुरक्षित रखने के लिए गोदाम और शीतगृह (कोल्ड स्टोरेज) विकसित किए जाएंगे।
इन परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र को व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (Viability Gap Funding) उपलब्ध कराया जाएगा। इससे कृषि उत्पादों के भंडारण की समस्या कम होगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
बीज, खाद्यान्न और कृषि विश्वविद्यालयों के लिए भी बजट में प्रावधान
अनुपूरक बजट में कृषि से जुड़ी अन्य योजनाओं को भी मजबूत किया गया है। खाद्यान्न, दलहन और तिलहन बीज की लागत तथा संबंधित खर्चों के लिए 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
वहीं प्रमाणित बीजों पर अनुदान योजना के लिए 20 करोड़ रुपये और प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र प्रदर्शन एवं बीज प्रक्षेत्र योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि महाविद्यालयों और उपकार (UPCAR) में आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था के लिए 9 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
सरकार ने नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयल सीड्स) योजना के लिए 19.32 लाख रुपये और उर्वरक, बीज तथा कीटनाशकों के नमूनों के परीक्षण के लिए प्रयोगशाला स्थापना हेतु 18.44 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट भी मंजूर किया है।
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। अनुपूरक बजट में किए गए ये प्रावधान खेती को आधुनिक बनाने, कृषि ढांचे को मजबूत करने और किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
यूपी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना 2026 सहित नई योजनाओं के लागू होने से छोटे और सीमांत किसानों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य कृषि को अधिक लाभकारी बनाना और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है।









