लखनऊ, 03 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर आउटसोर्स कमीशन लागू करने जा रही है। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करने की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के हितों की बेहतर सुरक्षा करना और उनके पारिश्रमिक को व्यवस्थित करना है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब, किसान, युवा और महिलाएं डबल इंजन सरकार के विकास एजेंडे के केंद्र में हैं। उन्होंने विपक्ष से भी जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई।
आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा संरक्षित मानदेय
आउटसोर्स कमीशन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहनों, मिड-डे मील रसोइयों और ग्राम चौकीदारों जैसे विभिन्न वर्गों को भी उचित मानदेय उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन व्यवस्थाओं के लिए अनुपूरक बजट में भी प्रावधान किया गया है, ताकि जनसेवा से जुड़े कर्मियों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके और वे अधिक प्रभावी ढंग से अपनी सेवाएं दे सकें।
किसानों के मुद्दे पर विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन दलों के शासनकाल में किसानों को सिंचाई, भुगतान और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ा, वही आज किसान हितैषी होने का दावा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना समेत कई योजनाओं का लाभ किसानों को मिला है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है, जिससे किसान अब एक के बजाय तीन-चार फसलें उगाने में सक्षम हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार प्रदेश के 16 लाख से अधिक ट्यूबवेलों को निशुल्क बिजली उपलब्ध करा रही है। खाद उपलब्धता को लेकर जहां कहीं तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं, वहां संबंधित विभागों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मानसून सत्र को बताया जनहित के लिए अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानमंडल का मानसून सत्र प्रदेश के विकास और जनहित के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर सदन की कार्यवाही को सार्थक बनाने में सहयोग करे।
उन्होंने कहा कि विधायिका लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे प्रभावी मंच है, जहां गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विषयों के आधार पर नीतियां तैयार की जाती हैं।
नौ वर्षों की उपलब्धियों का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सरकार ने जनप्रतिनिधियों और जनता से लगातार संवाद कायम रखा, जिसके आधार पर योजनाएं तैयार की गईं। उन्होंने दावा किया कि इसी संवाद आधारित कार्यशैली के कारण उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा मिली और राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में सरकार सदन के भीतर युवाओं के रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन, किसानों के जीवन में सुधार तथा विकास योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा करेगी।









