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यूपी पेंशन बढ़ोतरी: योगी सरकार का बड़ा फैसला, 1.18 करोड़ लोगों को एक अप्रैल से ₹1500 मासिक पेंशन

On: February 13, 2026
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योगी सरकार का बड़ा फैसला, 1.18 करोड़ लोगों को एक अप्रैल से ₹1500 मासिक पेंशन
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लखनऊ, 13 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश की Yogi Adityanath सरकार ने प्रदेश के करोड़ों पेंशनधारकों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में घोषणा करते हुए बताया कि राज्य के लगभग 1.18 करोड़ पेंशनभोगियों को अब 1 अप्रैल 2026 से हर माह 1500 रुपये पेंशन के रूप में सीधे बैंक खाते में भेजे जाएंगे। यह फैसला लंबे समय से प्रतीक्षित था और इसे भाजपा के 2022 के चुनावी संकल्प पत्र में किए गए वादे की पूर्ति के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के वृद्धजन, दिव्यांगजन और निराश्रित विधवा महिलाएं सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े परिवारों में इस घोषणा को आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि बढ़ती महंगाई के बीच पेंशन राशि में वृद्धि लंबे समय से मांग का विषय रही थी।

योजनाओं के लाभार्थियों का पूरा आंकड़ा

प्रदेश में तीन प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाएं संचालित हैं, जिनमें लाखों लोग शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

  • वृद्धावस्था पेंशन योजना – लगभग 67.50 लाख बुजुर्ग लाभार्थी
  • निराश्रित विधवा महिला पेंशन योजना – करीब 38.58 लाख महिलाएं
  • दिव्यांगजन पेंशन योजना – 11.50 लाख से अधिक लाभार्थी

इन सभी योजनाओं को मिलाकर कुल लाभार्थियों की संख्या लगभग 1.18 करोड़ बैठती है। पेंशन बढ़ने के बाद अब यह राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।

300 रुपये से 1500 रुपये तक का सफर

अगर पेंशन राशि के इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 2017 से पहले इन योजनाओं में मासिक पेंशन केवल 300 रुपये थी। भाजपा सरकार बनने के बाद इसे पहले 500 रुपये, फिर 1000 रुपये तक बढ़ाया गया।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में इसे 1500 रुपये करने का वादा किया था। अब सरकार इस वादे को अमलीजामा पहनाने जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए भी उठाया है।

बजट में पहले ही कर ली गई थी तैयारी

पेंशन बढ़ोतरी अचानक नहीं आई, बल्कि इसके लिए बजट में पहले से व्यवस्था की गई थी। सरकार ने इस बार:

  • वृद्धावस्था पेंशन के लिए 8950 करोड़ रुपये
  • निराश्रित विधवा महिला पेंशन के लिए 3500 करोड़ रुपये
  • दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए 1470 करोड़ रुपये

का प्रावधान रखा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार ने वित्तीय स्तर पर इस निर्णय को पहले ही मजबूत आधार दे दिया था।

चुनावी नजरिए से कितना अहम है फैसला?

राजनीतिक हलकों में इस फैसले को वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पेंशनधारकों की संख्या अपने आप में बड़ा मतदाता वर्ग है, और उनके परिवारों को जोड़ दिया जाए तो इसका सामाजिक असर और व्यापक हो जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक योजनाएं सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं होतीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच भरोसे की कड़ी भी बनती हैं। ऐसे में पेंशन राशि में बढ़ोतरी भाजपा के लिए चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?

  • हर महीने 1500 रुपये की नियमित सहायता
  • सीधे बैंक खाते में पैसा, बिचौलियों की भूमिका खत्म
  • बुजुर्गों और जरूरतमंद वर्ग की आर्थिक सुरक्षा मजबूत
  • ग्रामीण और कमजोर वर्ग के परिवारों को अतिरिक्त सहारा

कुल मिलाकर, यह फैसला प्रदेश के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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