लखनऊ, 07 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश में जमीन-मकान की खरीद-फरोख्त अब पहले से ज्यादा सख्त और पारदर्शी दायरे में आ गई है। राज्य सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के दौरान आधार सत्यापन के साथ-साथ PAN कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। मकसद साफ है—फर्जीवाड़ा रोकना, संदिग्ध लेन-देन पर अंकुश लगाना और सरकारी राजस्व की हानि को बचाना।
सरकार के निर्देश के बाद सभी रजिस्ट्री कार्यालयों और ऑनलाइन एप्लिकेशन में खरीदार-विक्रेता दोनों का PAN दर्ज किए बिना प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। पहले से लागू आधार आधारित बायोमेट्रिक/OTP सत्यापन के साथ यह नया कदम पहचान और वित्तीय ट्रेल—दोनों को मजबूत करता है।
क्यों जरूरी पड़ा यह फैसला?
प्रशासनिक इनपुट के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में संपत्ति रजिस्ट्री की संख्या में तेज बढ़ोतरी और संदिग्ध लेन-देन के संकेत मिले। आशंका जताई गई कि बेनामी निवेश और बाहरी फंडिंग के जरिए जमीन खरीद के प्रयास हो रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में Yogi Adityanath सरकार ने रजिस्ट्री नियमों को और कड़ा किया है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी कम हों और कर अनुपालन (tax compliance) बेहतर बने।
कैसे बदली रजिस्ट्री की प्रक्रिया?
- खरीदार और विक्रेता—दोनों का PAN नंबर अनिवार्य प्रविष्टि
- आधार आधारित बायोमेट्रिक/OTP से पहचान सत्यापन
- ऑनलाइन आवेदन, स्टांप शुल्क भुगतान और टाइम-स्लॉट बुकिंग
- गवाहों के दस्तावेजों की सख्त जांच, आधार अनिवार्य
- संदिग्ध जानकारी पर रजिस्ट्री रोकी जा सकेगी, दंडात्मक कार्रवाई संभव
अधिकारियों का कहना है कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि कागजों में दर्ज व्यक्ति वही है जो लेन-देन कर रहा है, और भुगतान की वित्तीय परत (financial trail) भी स्पष्ट रहे।
जिलों को सख्त निर्देश
Inspector General of Registration Uttar Pradesh ने सभी सहायक महानिरीक्षक/उप-निबंधकों को निर्देश भेजे हैं कि बिना PAN विवरण के कोई रजिस्ट्री स्वीकार न की जाए। ऑनलाइन सिस्टम में भी PAN फ़ील्ड को अनिवार्य किया गया है।
गवाहों पर भी कड़ाई
पहले गवाहों की भूमिका औपचारिक हस्ताक्षर तक सीमित थी। अब उनके आधार दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य है। गलत जानकारी या फर्जी पहचान पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
क्या होगा फायदा?
- फर्जी रजिस्ट्री और बेनामी सौदों पर रोक
- टैक्स अनुपालन और राजस्व सुरक्षा
- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों में कमी
- नागरिकों के लिए तेज, डिजिटल और पारदर्शी अनुभव
सरकार का मानना है कि PAN+आधार सत्यापन की यह दोहरी परत रियल-एस्टेट लेन-देन में भरोसा बढ़ाएगी और लंबे समय से चली आ रही अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाएगी।








