लखनऊ, 15 मार्च 2026 (रविवार)। उत्तर प्रदेश में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों के लिए आयोजित UPSI भर्ती परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गई। दो दिनों तक चली इस परीक्षा में कुल 10.77 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया। हालांकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी और करीब एक तिहाई उम्मीदवार अनुपस्थित रहे।
परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की कोशिश करने वालों पर भी सख्ती दिखाई गई। अलग-अलग जिलों से एक सॉल्वर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस भर्ती परीक्षा से जुड़े मामलों में अब तक कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब एक दर्जन एफआईआर दर्ज की गई हैं।
1090 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई परीक्षा
उप निरीक्षक और समकक्ष पदों के लिए आयोजित इस UPSI भर्ती परीक्षा में लगभग 15 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा को सुचारु रूप से कराने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में कुल 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
भर्ती बोर्ड और प्रशासन ने परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की थी। परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक सत्यापन, कड़ी तलाशी और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं।
वाराणसी में सॉल्वर पकड़ा गया
परीक्षा के दौरान वाराणसी के लक्सा क्षेत्र स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र से एक सॉल्वर पकड़ा गया। आरोपी परीक्षा में पवन कुमार के नाम से शामिल हुआ था, लेकिन जांच में उसकी असली पहचान विमलेश कुमार के रूप में सामने आई।
वह अपने भाई की जगह परीक्षा देने पहुंचा था और मूल रूप से फिरोजाबाद का रहने वाला बताया गया है। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड सहित कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। इस मामले में लक्सा थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बदायूं और मेरठ में भी संदिग्ध अभ्यर्थी पकड़े गए
परीक्षा के दौरान बदायूं में भी एक संदिग्ध अभ्यर्थी को हिरासत में लिया गया। वहीं मेरठ में एक अभ्यर्थी दो अलग-अलग आधार कार्ड के साथ परीक्षा देने पहुंचा। दोनों आधार कार्ड में उसकी उम्र अलग-अलग दर्ज थी, जिससे संदेह पैदा हुआ और उसे पकड़ लिया गया।
पुलिस और जांच एजेंसियां इन मामलों की विस्तृत जांच कर रही हैं।
परीक्षा पास कराने के नाम पर 22 लाख की मांग
इस भर्ती परीक्षा से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। एसटीएफ की मेरठ फील्ड यूनिट ने शनिवार रात मथुरा जिले के राया थाना क्षेत्र से अनुज कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया।
तलाशी के दौरान उसके पास से
- एक मोबाइल फोन
- उपनिरीक्षक भर्ती के दो एडमिट कार्ड
- अन्य परीक्षाओं के चार एडमिट कार्ड
- व्हाट्सएप चैट के रिकॉर्ड
- सामान्य ज्ञान की पुस्तक
बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था और इसी दौरान उसकी मुलाकात गोपाल रावत नामक युवक से हुई थी। गोपाल अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का झांसा देकर करीब 22 लाख रुपये तक की मांग करता था।
अनुज का काम अभ्यर्थियों को ढूंढकर उन्हें गोपाल से मिलवाना था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
भर्ती बोर्ड ने रखी कड़ी निगरानी
इस बार भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए भर्ती बोर्ड ने व्यापक इंतजाम किए थे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक जांच और पहचान सत्यापन बेहद सख्ती से किया गया।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी गई। एसटीएफ ने परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों के मामले में करीब एक दर्जन टेलीग्राम चैनलों पर मुकदमे दर्ज किए हैं।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा के दौरान गड़बड़ी करने की कोशिश करने वाले कई संदिग्धों की पहचान की जा रही है। जांच एजेंसियां अभी भी सक्रिय हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
कुल मिलाकर प्रशासन का दावा है कि सख्त निगरानी और सतर्कता के कारण UPSI भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराया गया।







