लखनऊ, 7 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में यूपी SIR के बाद भी यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से रह गया है तो उसके लिए राहत की खबर है। ऐसे मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और पुरानी तथा मौजूदा मतदाता सूचियों का मिलान कर छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करेंगे।
पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा। ऐसे लोगों से फॉर्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अभियान की रूपरेखा साझा की और सहयोग मांगा।
यूपी SIR के बाद ऐसे खोजे जाएंगे छूटे हुए मतदाता
अभियान के दौरान बीएलओ मौजूदा मतदाता सूची का पुरानी सूची से मिलान करेंगे। इसके लिए इस वर्ष 10 अप्रैल को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची की तुलना 7 जनवरी 2025 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची और उसकी पूरक सूचियों से की जाएगी।
इस प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा जिनका नाम पुरानी सूची में दर्ज था, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं मिल रहा है। इसके बाद बीएलओ संबंधित मतदाता के घर पहुंचकर उसकी मौजूदा स्थिति का सत्यापन करेंगे।
यानी केवल कागजी मिलान तक प्रक्रिया सीमित नहीं रहेगी। जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर यह भी पता लगाया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में उसी स्थान पर रह रहा है या नहीं और वह मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए पात्र है या नहीं।
फर्स्ट टाइम वोटरों को भी मिलेगा मौका
विशेष अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पहली बार मतदान करने वाले युवा होंगे। इसके अलावा ऐसे सभी पात्र नागरिकों को भी नाम दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा, जिनका नाम किसी कारण से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है। पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसी भी समय आवेदन कर सकते हैं।
फॉर्म-6 के माध्यम से नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों से भी साझा होगी सूची
बीएलओ द्वारा चिह्नित मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा की जाएगी। बूथ स्तर पर तैयार सूची संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य छूटे हुए पात्र नागरिकों की पहचान के लिए राजनीतिक दलों को भी प्रक्रिया में शामिल करना है। इससे ऐसे लोगों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का एक और अवसर मिल सकेगा।
बूथ स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर
छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए बूथ स्तर पर विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे। निर्वाचन विभाग ने उन वर्गों पर विशेष ध्यान देने की योजना बनाई है, जिन तक सामान्य मतदाता जागरूकता गतिविधियों की पहुंच अपेक्षाकृत कम रहती है।
इसमें रात्रि आश्रय, लेबर कॉलोनियां, आश्रयहीन लोग और मुख्यधारा से वंचित नागरिक विशेष रूप से शामिल होंगे।
इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों, स्वीप गतिविधियों, स्थानीय जनसंपर्क और नियमित प्रेस ब्रीफिंग के जरिए भी मतदाता पंजीकरण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
जिला स्तर पर होगी अभियान की निगरानी
अभियान की प्रगति पर जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नजर रखेंगे। दोनों स्तरों पर नियमित समीक्षा के जरिए यह देखा जाएगा कि पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रही है या नहीं।
निर्वाचन विभाग की ओर से विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल होने से वंचित न रहे।
विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए अहम है अभियान
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसी को देखते हुए मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए भारत निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया गया है।
ऐसे में SIR के बाद छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने का यह अभियान आने वाले चुनाव से पहले मतदाता सूची को अधिक व्यापक और अद्यतन बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
बैठक में इन दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के साथ हुई बैठक में भाजपा, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, अपना दल (एस) और सीपीआई (एम) समेत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों से अभियान में सक्रिय सहयोग और सुझाव देने की अपील की है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
कुल मिलाकर, यूपी SIR के बाद जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में छूट गया है, उनके लिए अब एक और अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। बीएलओ के घर-घर सत्यापन, विशेष शिविर और फॉर्म-6 के जरिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।









