लखनऊ/04 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के बुजुर्गों, कमजोर वर्गों और आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को विधानसभा में पेश किए गए यूपी अनुपूरक बजट 2026 में समाज कल्याण विभाग के लिए कुल 1,655 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए रखा गया है।
सरकार ने वृद्धजनों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से इस योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की है। माना जा रहा है कि इस राशि से प्रदेश के लाखों पात्र बुजुर्गों को पेंशन वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
योगी सरकार का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी सोच के तहत अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग को अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
यूपी अनुपूरक बजट 2026 में आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़
समाज कल्याण विभाग से जुड़ी अन्य योजनाओं को भी इस बजट में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। डॉ. भीमराव आंबेडकर की स्मृतियों के संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत 407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सामान्य वर्ग दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति योजना के लिए 155 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री मेधावी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उच्च शिक्षा सहायता योजना के लिए 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
सरकार का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक बाधाओं को कम करने से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। खासतौर पर कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा सहायता योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा योजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार
अनुपूरक बजट 2026-27 में किए गए प्रावधानों को प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वृद्धावस्था पेंशन के लिए अतिरिक्त बजट मिलने से लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में आसानी होगी।
वहीं छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा सहायता योजनाओं में बढ़ोतरी से जरूरतमंद विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह बजटीय कदम केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक भागीदारी और समान अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़ी योजनाओं के लिए किए गए प्रावधान सामाजिक समरसता और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर यूपी अनुपूरक बजट 2026 में समाज कल्याण विभाग के लिए की गई अतिरिक्त वित्तीय व्यवस्था से वृद्धजनों की सामाजिक सुरक्षा, विद्यार्थियों की शिक्षा और कमजोर वर्गों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।









