लखनऊ/शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। करीब दस साल से लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया अब आगे बढ़ने लगी है। बेसिक शिक्षा परिषद ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करते हुए अधिकारियों को 7 नवंबर तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के लगभग 70 हजार शिक्षकों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इस प्रक्रिया में अंतिम वरिष्ठता सूची तैयार करना, रिक्त पदों के सापेक्ष पात्र शिक्षकों का चयन और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से संबंधित विवरण दर्ज करना महत्वपूर्ण होगा। परिषद ने जिला स्तर के अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर जरूरी कार्रवाई पूरी करने को कहा है।
शिक्षक पदोन्नति उत्तर प्रदेश: 23 अक्टूबर तक मांगी गई वरिष्ठता सूची
बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षकों की पदोन्नति लंबे समय से लंबित थी। टीईटी की अनिवार्यता को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंचने के कारण भी प्रक्रिया प्रभावित हुई। अब परिषद ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को अंतिम वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
परिषद के निर्देशानुसार, तैयार वरिष्ठता सूची 23 अक्टूबर तक ईमेल के माध्यम से परिषद को उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। पूरी प्रक्रिया के लिए 7 नवंबर की समयसीमा निर्धारित की गई है।
पदोन्नति के लिए अनुभव की शर्तें निर्धारित
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी की ओर से जारी निर्देशों में अलग-अलग पदों के लिए आवश्यक अनुभव की शर्तें स्पष्ट की गई हैं।
- जूनियर बेसिक स्कूल के प्रधानाध्यापक और सीनियर बेसिक स्कूल के सहायक अध्यापक पद के लिए: जूनियर बेसिक स्कूल में स्थायी सहायक अध्यापक के रूप में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव आवश्यक बताया गया है।
- सीनियर बेसिक स्कूल के प्रधानाध्यापक पद के लिए: जूनियर बेसिक स्कूल के प्रधानाध्यापक और सीनियर बेसिक स्कूल के सहायक अध्यापक पद पर कम से कम तीन वर्ष का अनुभव निर्धारित किया गया है।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में नए जिला आवंटन के बाद कार्यभार ग्रहण करने वाले अभ्यर्थियों की वरिष्ठता उनकी पहली नियुक्ति की तारीख के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
जिला स्तर पर समिति करेगी वरिष्ठता सूची तैयार
शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने और पदोन्नति से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की जाएगी। इस समिति की अध्यक्षता जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य करेंगे।
समिति में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के वरिष्ठ प्रधानाचार्य और जिलाधिकारी की ओर से नामित भाषा विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार वरिष्ठता सूची तैयार करने और आगे की प्रक्रिया पूरी कराने का काम करेगी।
पदोन्नति में टीईटी की स्थिति भी होगी अहम
परिषद ने पात्रता सूची में प्रत्येक शिक्षक की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से संबंधित स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें बताया जाएगा कि शिक्षक ने प्राथमिक स्तर की टीईटी उत्तीर्ण की है, उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी पास की है, दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं या किसी भी परीक्षा में सफल नहीं हुए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार, प्राथमिक स्तर की टीईटी उत्तीर्ण करने वाले शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती के लिए और केवल उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी उत्तीर्ण करने वाले शिक्षक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती के लिए पात्र होंगे। दोनों स्तरों की टीईटी उत्तीर्ण करने वाले शिक्षक दोनों श्रेणियों के विद्यालयों में तैनाती के लिए पात्र होंगे।
टीईटी से संबंधित विवरण को वरिष्ठता और पात्रता सूची में दर्ज करना इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। हालांकि, पदोन्नति के लिए अंतिम पात्रता संबंधित न्यायालय के निर्णयों, लागू नियमों और परिषद के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार ही निर्धारित होगी।
शिक्षकों को लंबे इंतजार के बाद उम्मीद
करीब दस साल से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे परिषदीय शिक्षकों के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्रवाई पूरी होती है, तो बड़ी संख्या में शिक्षकों को पदोन्नति का अवसर मिल सकता है।
फिलहाल, शिक्षकों की नजर अंतिम वरिष्ठता सूची, उपलब्ध रिक्तियों और पात्रता निर्धारण पर रहेगी। इन चरणों के पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वास्तविक रूप से कितने शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिल पाता है।









