लखनऊ/21 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर है। जिन अभ्यर्थियों के टीईटी प्रमाणपत्रों में नाम, पता या अन्य विवरण गलत दर्ज हैं, उन्हें जल्द ही संशोधित प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने जागरण विमर्श के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमाणपत्र में त्रुटि होने पर अभ्यर्थी पुराने प्रमाणपत्र के आधार पर भर्ती के लिए आवेदन न करें।
UP TET संशोधित प्रमाणपत्र का इंतजार कर रहे करीब 20 हजार अभ्यर्थी
आयोग के अध्यक्ष के अनुसार, टीईटी उत्तीर्ण करीब 20 हजार अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों में नाम, पता और अन्य विवरण से जुड़ी गलतियां रह गई थीं। इन अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्रों में संशोधन कराने का अवसर दिया गया था। अब वे संशोधित प्रमाणपत्र जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
ऐसे अभ्यर्थियों के लिए सहायक अध्यापक (प्राथमिक विद्यालय) भर्ती के विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसलिए आवेदन करने से पहले प्रमाणपत्र में दर्ज विवरण की जांच करना जरूरी है। गलत जानकारी वाले पुराने प्रमाणपत्र के आधार पर आवेदन करने से अभ्यर्थियों को परेशानी हो सकती है।
अभ्यर्थियों को सलाह है कि संशोधित प्रमाणपत्र जारी होने की तारीख और आवेदन से संबंधित नवीनतम निर्देशों के लिए आयोग की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें।
TGT भर्ती 2026 के 17,740 पदों पर कब आएगा विज्ञापन?
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT)-2026 भर्ती के तहत 17,740 पदों के अधियाचन मिलने के बावजूद विज्ञापन जारी नहीं होने के सवाल पर आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि कुछ बिंदुओं का शासन स्तर पर निस्तारण होना बाकी है। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अटल आवासीय विद्यालयों और अल्पसंख्यक कॉलेजों से संबंधित अधियाचन अभी आयोग को प्राप्त नहीं हुए हैं। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग से मिले ऑफलाइन अधियाचन में पदों का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है।
आयोग के अनुसार, रिक्त पदों की संख्या और शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होती है। विभागों से अधियाचन मिलने के बाद आयोग उनका परीक्षण करता है और फिर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाता है।
विधानसभा चुनाव और आचार संहिता का भर्ती पर क्या होगा असर?
आगामी विधानसभा चुनाव और आचार संहिता लागू होने की संभावना के बीच भर्ती प्रक्रिया पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग अपना काम जारी रखेगा। यदि निर्वाचन आयोग की ओर से कोई आपत्ति या निर्देश प्राप्त होता है, तो उसका पालन किया जाएगा।
इस बयान से स्पष्ट है कि भर्ती संबंधी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के लिए आयोग अपने स्तर पर काम करता रहेगा, हालांकि चुनाव संबंधी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से तैयार होते हैं प्रश्नपत्र
शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और गोपनीयता को लेकर आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए तकनीकी व्यवस्था के साथ विषय विशेषज्ञों की टीम लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता इतनी सख्त रखी जाती है कि आयोग के अध्यक्ष भी उन्हें पहले से नहीं जान सकते।
परीक्षा परिणामों में देरी और प्रश्नपत्रों में गलत सवालों को लेकर उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रश्न में त्रुटि सामने आती है, तो संशोधित उत्तर कुंजी जारी कर अभ्यर्थियों के हित में निर्णय लेने का प्रयास किया जाता है। उनके अनुसार, पुरानी परीक्षाओं से जुड़े कोई बड़े मामले लंबित नहीं हैं।
लिखित परीक्षा का परिणाम एक महीने में जारी करने का प्रयास
आयोग के अध्यक्ष ने भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर नियमित करने और विज्ञापन, परीक्षा तथा परिणाम समय पर जारी करने के सवाल पर कहा कि जिन परीक्षाओं में साक्षात्कार नहीं होता, उनमें लिखित परीक्षा का परिणाम एक महीने के भीतर घोषित करने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने शिक्षक भर्ती में पैनल की एक वर्ष की वैधता को लेकर कहा कि प्रशासनिक देरी का खामियाजा अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए।
वर्ष 2013 में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति को अदालत में चुनौती दिए जाने से जुड़ी प्रक्रिया पर उन्होंने बताया कि कुछ संस्थानों में कार्यवाहक प्रमुख नियुक्त थे और अदालत में आयोग के पक्ष में निर्णय आया था।
फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की
बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर हुई नियुक्तियों और अदालत के निर्देश पर जांच के सवाल पर डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि यह पुरानी भर्ती से जुड़ा मामला है। नियुक्त शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का पूरा परीक्षण और पुलिस सत्यापन कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षक भर्ती में ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को भी शामिल होने का अधिकार है। इस संबंध में निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।
पद के अनुसार तय होता है शिक्षक भर्ती का पाठ्यक्रम
शिक्षक चयन में गुणवत्ता बनाए रखने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में प्रश्नपत्रों की प्रासंगिकता पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पाठ्यक्रम पद की प्रकृति और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।
प्रधानाचार्य का पद प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा है, इसलिए उसके पाठ्यक्रम में प्रशासनिक विषयों को महत्व दिया जाता है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में सामान्य ज्ञान भी शामिल किया जाता है, जबकि प्राथमिक और जूनियर स्तर के शिक्षकों के चयन में विषय आधारित पाठ्यक्रम पर जोर रहता है।
उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम में बदलाव किए जा सकते हैं। वहीं, TGT भर्ती में अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष करने के सवाल पर उन्होंने बताया कि अभी अधियाचन प्राप्त नहीं हुआ है और आयु सीमा तय करना संबंधित विभाग का विषय है।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी बात: यदि आपके UP TET प्रमाणपत्र में नाम, पता या कोई अन्य विवरण गलत है, तो पुराने प्रमाणपत्र से आवेदन करने से पहले आयोग के नवीनतम निर्देश जरूर जांचें। संशोधित प्रमाणपत्र जारी होने और भर्ती आवेदन की समयसीमा से संबंधित आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दें।










