लखनऊ, 19 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। रात के तापमान में गिरावट के साथ सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में रात के पारे में और गिरावट हो सकती है, जिससे मौसम पहले के मुकाबले अधिक सुहाना रहेगा।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में रात के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभव है। वहीं, दिन के तापमान में करीब दो डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। ऐसे में दोपहर में हल्की गर्मी रह सकती है, लेकिन सुबह और रात में ठंडक का एहसास बढ़ेगा।
अयोध्या में सबसे कम रहा दिन का तापमान
सोमवार को अयोध्या में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं, हरदोई और नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन दोनों स्थानों पर रात सबसे ठंडी रही।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेली, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत करीब आधा दर्जन जिलों में दिन का तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। इससे दिन के समय भी मौसम अपेक्षाकृत सुहाना बना हुआ है।
लखनऊ में भी रात के तापमान में गिरावट
राजधानी लखनऊ में भी मौसम में बदलाव के संकेत दिखाई देने लगे हैं। दिन में धूप निकल रही है, लेकिन उसकी तपिश पहले की तुलना में कम महसूस हो रही है। रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।
रविवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले 0.7 डिग्री सेल्सियस की कमी आई।
अगले एक सप्ताह कैसा रहेगा यूपी का मौसम?
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने के आसार हैं। इस दौरान दिन के तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
मौसम में इस बदलाव के चलते सुबह और देर शाम बाहर निकलने पर हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। फिलहाल दिन और रात के तापमान में अंतर बने रहने की संभावना है।
ध्यान दें: तापमान और पूर्वानुमान से जुड़े आंकड़े प्रकाशन से पहले क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र या भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन से सत्यापित कर लें।









