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UPI पेमेंट फेल होने पर खाते से कटे पैसे नहीं लौटे तो बैंक देगा ₹100 रोजाना मुआवजा, जानें RBI के नियम

On: October 24, 2026
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UPI पेमेंट फेल होने पर खाते से कटे पैसे नहीं लौटे तो बैंक देगा
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नई दिल्ली/23 अक्टूबर 2026: आज के डिजिटल दौर में UPI से भुगतान करना बेहद आसान हो गया है। चाय की दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक, लोग कुछ सेकंड में मोबाइल से पैसे भेज देते हैं। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि खाते से रकम कट जाती है और सामने वाले को पैसा नहीं मिलता। ऐसी स्थिति में ग्राहकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

हालांकि, ऐसे मामलों में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के हित में समयसीमा और मुआवजे से जुड़े नियम तय किए हैं। निर्धारित समय के भीतर रकम वापस नहीं होने पर पात्र मामलों में बैंक को हर दिन 100 रुपये का मुआवजा देना पड़ सकता है। लेकिन यह नियम हर असफल भुगतान पर एक जैसा लागू नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि पैसा किसी व्यक्ति को भेजा गया था या किसी दुकानदार को भुगतान किया गया था।

UPI पेमेंट फेल होने पर कितने दिन में वापस आएंगे पैसे?

RBI के 20 सितंबर 2019 के सर्कुलर के मुताबिक, UPI के असफल लेनदेन में पैसे वापस करने की समयसीमा भुगतान की प्रकृति के आधार पर तय होती है। इन नियमों के तहत देरी होने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार मुआवजा भी देना पड़ सकता है।

1. व्यक्ति को पैसे भेजे, लेकिन उसके खाते में नहीं पहुंचे

अगर आपके बैंक खाते से पैसा कट गया, लेकिन जिस व्यक्ति को आपने रकम भेजी थी, उसके खाते में पैसा जमा नहीं हुआ, तो संबंधित बैंक को रकम अधिकतम T+1 दिन के भीतर वापस करनी होती है। समयसीमा के बाद देरी होने पर पात्र ग्राहक को प्रतिदिन 100 रुपये का मुआवजा मिल सकता है।

2. दुकानदार को भुगतान किया, लेकिन पेमेंट की पुष्टि नहीं मिली

अगर आपने किसी दुकान या कारोबारी को UPI से भुगतान किया और खाते से पैसे कटने के बावजूद दुकानदार को भुगतान की पुष्टि नहीं मिली, तो रकम वापस करने की समयसीमा T+5 दिन है। निर्धारित अवधि से अधिक देरी होने पर प्रतिदिन 100 रुपये का मुआवजा लागू हो सकता है।

T+1 और T+5 का क्या मतलब है?

UPI पेमेंट से जुड़े नियमों को समझने के लिए T का अर्थ जानना जरूरी है। यहां T का मतलब लेनदेन की तारीख यानी जिस दिन आपने भुगतान किया, उससे है।

  • T+1 दिन: लेनदेन की तारीख के अगले दिन तक।
  • T+5 दिन: लेनदेन की तारीख के पांच दिन बाद तक।

उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति को पैसे भेजने पर लेनदेन असफल हो जाता है और रकम खाते से कट जाती है, तो लागू नियम के अनुसार उसे T+1 दिन तक वापस किया जाना चाहिए। यदि दुकानदार के भुगतान की पुष्टि नहीं हुई है, तो संबंधित मामले में T+5 दिन की समयसीमा लागू होती है।

ध्यान रहे कि मुआवजा समयसीमा बीतने के बाद होने वाली पात्र देरी पर लागू होता है। केवल पेमेंट फेल होने से हर ग्राहक को अपने आप मुआवजा मिलने की गारंटी नहीं होती।

UPI पेमेंट फेल हो जाए तो क्या करें?

अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि पैसे खाते से कट गए, लेकिन सामने वाले को नहीं मिले, तो घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम उठाएं।

1. ट्रांजैक्शन का स्टेटस चेक करें

सबसे पहले Google Pay, PhonePe, Paytm या जिस ऐप से आपने भुगतान किया है, उसकी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री खोलें। देखें कि भुगतान सफल हुआ है, लंबित है या असफल दिख रहा है।

2. भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें

ट्रांजैक्शन आईडी, भुगतान की तारीख और समय, रकम तथा बैंक से मिले SMS का रिकॉर्ड संभालकर रखें। जरूरत पड़ने पर ये जानकारियां शिकायत दर्ज कराने में मदद करेंगी।

3. UPI ऐप पर शिकायत दर्ज करें

ऐप में मौजूद Help या Support विकल्प के माध्यम से संबंधित लेनदेन की शिकायत दर्ज करें। शिकायत का रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें।

4. अपने बैंक से संपर्क करें

अगर निर्धारित समय में रकम वापस नहीं आती, तो अपने बैंक के ग्राहक सेवा विभाग से संपर्क करें। बैंक को ट्रांजैक्शन की जानकारी देकर शिकायत दर्ज कराएं और उसका नंबर अपने पास रखें।

5. जरूरत पड़ने पर RBI में शिकायत करें

यदि बैंक में शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता, तो पात्रता और लागू प्रक्रिया के अनुसार RBI के शिकायत निवारण पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके लिए RBI CMS पोर्टल का इस्तेमाल करें।

क्या बैंक को मुआवजा देने के लिए अलग से आवेदन करना होगा?

RBI के निर्धारित ढांचे के अनुसार, जहां मुआवजा देय है, वहां उसे ग्राहक के खाते में स्वतः जमा किया जाना चाहिए। इसके लिए ग्राहक की ओर से अलग से दावा किए जाने की प्रतीक्षा नहीं की जानी चाहिए। हालांकि, यदि रकम या मुआवजा समय पर नहीं मिलता, तो ग्राहक बैंक से संपर्क करके शिकायत दर्ज करा सकता है।

इसलिए UPI से भुगतान करते समय ट्रांजैक्शन का स्टेटस जरूर जांचें। अगर रकम कट गई है, तो बिना स्थिति स्पष्ट किए तुरंत दोबारा भुगतान करने से बचें। पहले यह पता कर लें कि पिछला लेनदेन असफल हुआ है या अभी लंबित है।

UPI यूजर्स के लिए जरूरी बात

डिजिटल भुगतान ने रोजमर्रा के काम आसान किए हैं, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी होने पर ग्राहकों को अपने अधिकारों की जानकारी भी होनी चाहिए। RBI के नियम असफल लेनदेन के मामलों में रकम वापस करने की समयसीमा निर्धारित करते हैं और पात्र देरी पर मुआवजे का प्रावधान भी करते हैं।

याद रखें: व्यक्ति को भेजे गए पैसे खाते से कटने पर वापस न पहुंचने की स्थिति में T+1 दिन और दुकानदार के भुगतान की पुष्टि नहीं मिलने पर T+5 दिन की समयसीमा लागू होती है। पात्र मामलों में इसके बाद हर दिन 100 रुपये का मुआवजा मिल सकता है।

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